छत्तीसगढ़ स्थित 2,600 मेगावाट क्षमता वाले एनटीपीसी कोरबा संयंत्र में ब्लैकआउट के लगभग 36 घंटे बाद बड़ी राहत मिली है। तकनीकी टीमों ने ट्रिप हुई सात इकाइयों में से तीन को बहाल कर दिया है, जिससे बिजली उत्पादन फिर से शुरू हो गया है।
छत्तीसगढ़ स्थित 2,600 मेगावाट क्षमता वाले एनटीपीसी कोरबा संयंत्र में ब्लैकआउट के लगभग 36 घंटे बाद बड़ी राहत मिली है। तकनीकी टीमों ने ट्रिप हुई सात इकाइयों में से तीन को बहाल कर दिया है, जिससे बिजली उत्पादन फिर से शुरू हो गया है। जानकारी के अनुसार, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन के ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान आए फॉल्ट के कारण संयंत्र की सभी सात इकाइयां एक साथ ट्रिप हो गई थीं। इसके बाद संयंत्र में बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया था।
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तकनीकी टीमों ने लगभग 36 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर लगभग दो बजे तक तीन इकाइयों को बहाल कर लिया। इनमें 500 मेगावाट की दो इकाइयां और 200 मेगावाट की एक इकाई शामिल है। इन तीन इकाइयों के शुरू होने से कुल 1,200 मेगावाट बिजली का उत्पादन पुनः प्रारंभ हो चुका है। 2,600 मेगावाट की कुल क्षमता वाले इस प्लांट में तीन इकाइयों की बहाली से स्थिति में काफी सुधार आया है।
शेष चार इकाइयों में सुधार जारी
संयंत्र की सभी सात इकाइयों के बंद होने से उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हुआ था। खराबी के तुरंत बाद तकनीकी टीमों ने इकाइयों को दोबारा चालू करने के लिए तकनीकी स्तर पर काम शुरू किया। तीन इकाइयों से बिजली उत्पादन शुरू होने के बाद अब विशेषज्ञ शेष चार इकाइयों को बहाल करने में लगातार जुटे हुए हैं। तकनीकी टीम खराबी को दूर कर बाकी इकाइयों को भी जल्द से जल्द चालू करने का प्रयास कर रही है। एनटीपीसी की जनसंपर्क अधिकारी उषा घोष ने तीन इकाइयों की बहाली की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि शेष बची इकाइयों को भी जल्द चालू कर लिया जाएगा।