एनएसयूआई ने आज कलेक्टर रायपुर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पाण्डेय की उपस्थिति में सौंपा गया। जिसमें राज्य सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ चार प्रमुख मांगों को रखा गया।
एनएसयूआई ने आज कलेक्टर रायपुर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पाण्डेय की उपस्थिति में सौंपा गया। जिसमें राज्य सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ चार प्रमुख मांगों को रखा गया। इस दौरान NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने चेतावनी दी कि यदि इन मुद्दों पर शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया, तो संगठन राज्यव्यापी आंदोलन करेगा।
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ये है एनएसयूआई की प्रमुख मांगें
विद्यालय बंदी और शिक्षक पद समाप्ति का विरोध – राज्य में 10,464 स्कूलों को बंद करने और 35,000 शिक्षकों की कटौती के प्रस्ताव को राइट टू एजुकेशन एक्ट का उल्लंघन बताते हुए NSUI ने विरोध जताया।
शिक्षक भर्ती के वादे पर अमल की मांग – 2023 चुनाव में किए गए 57,000 शिक्षकों की भर्ती के वादे को अब तक लागू न करने पर बेरोजगार युवाओं में आक्रोश है।
आत्मानंद स्कूलों के बजट में देरी – उत्कृष्ट विद्यालयों को बजट आवंटन समय पर न होने से संचालन प्रभावित हो रहा है।
शासकीय स्कूलों को बिजली बिल नोटिस – विद्युत कनेक्शन काटने की चेतावनी वाले नोटिस को NSUI ने प्रशासनिक असंवेदनशीलता करार दिया।
इस प्रतिनिधिमंडल में प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल, जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी, कुणाल दुबे, निखिल बंजारी, पुनेश्वर लहरे, वैभव मुंजेवर, अंकित पांडे, अंकित बंजारे, आशीष तिवारी, शुभांशु सिंह, प्रियांशु सिंह, दिव्यांश श्रीवास्तव, दिवेश सहित अन्य छात्र नेता शामिल थे।