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NSUI का 52 KM पैदल मार्च: आरक्षक भर्ती में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग, SP को सौंपा ज्ञापन

Tue, 16 Dec 2025 03:46 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव

सार

एनएसयूआई ने नारायणपुर जिले के स्थानीय युवाओं को आरक्षक भर्ती में अवसर न मिलने के विरोध में सैकड़ों युवाओं के साथ नारायणपुर से कोंडागांव तक करीब 52 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला। मार्च का नेतृत्व जिलाध्यक्ष विजय सलाम ने किया। जहां पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
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एनएसयूआई का पैदल मार्च - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जारी आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में नारायणपुर जिले के स्थानीय युवाओं को अवसर नहीं मिलने के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने सैकड़ों युवाओं के साथ नारायणपुर से कोंडागांव तक करीब 52 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला। मार्च का नेतृत्व एनएसयूआई नारायणपुर जिलाध्यक्ष विजय सलाम ने किया। पदयात्रियों ने कोंडागांव पहुंचकर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं और भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर स्थानीय युवाओं के लिए पुनः प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।

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एनएसयूआई का आरोप है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने नारायणपुर जिले में 470 पदों पर आरक्षक भर्ती के लिए वैकेंसी निकाली थी, लेकिन इस भर्ती प्रक्रिया में जिले से दहाई का आंकड़ा तक भी युवाओं का चयन नहीं किया गया। इससे जिले के युवाओं में भारी आक्रोश है और सरकार व विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

पदयात्रा में शामिल युवाओं ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार आउटसोर्सिंग के माध्यम से अन्य राज्यों के युवाओं को नौकरी दे रही है, जबकि स्थानीय और आदिवासी युवाओं को रोजगार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में “बस्तर फाइटर” जैसी योजनाओं के माध्यम से सैकड़ों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला था, लेकिन वर्तमान सरकार स्थानीय युवाओं के हितों की अनदेखी कर रही है।
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एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विजय सलाम ने कहा कि 470 पदों में केवल 7 युवाओं का चयन यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार आदिवासी और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। यह सरकार अपने घोषणा पत्र के वादों से मुकर चुकी है। उन्होंने बताया कि पहले नारायणपुर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद पदयात्रा कर कोंडागांव पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया। यहां भी केवल प्रक्रिया की जानकारी दी गई, समाधान नहीं।
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एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि जब तक स्थानीय भर्ती की मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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