पीएम मोदी ने दिखाई मेमू ट्रेन को हरी झंडी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी। चार महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया, जिनकी कुल लागत 2 हजार 695 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मोहभट्टा, बिलासपुर स्थित कार्यक्रम स्थल से अभनपुर–रायपुर के बीच मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। ये परियोजनाएं राज्य में रेल परिवहन को और मजबूत करेंगी, जिससे यात्री एवं माल परिवहन को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा।
आधारशिला रखी गई सात रेलवे परियोजनाएं
- खरसिया-झाराडीह (पांचवी लाइन) – 6 किमी (लागत: ₹80 करोड़)
- सरगबुंदिया-मड़वारानी (तीसरी एवं चौथी लाइन) – 12 किमी (लागत: ₹168 करोड़)
- दाधापारा-बिल्हा-दगोरी (चौथी लाइन) – 16 किमी (लागत: ₹256 करोड़)
- निपनिया-भाटापारा-हथबंद (चौथी लाइन) – 23 किमी (लागत: ₹347 करोड़)
- भिलाई-भिलाई नगर-दुर्ग लिंक केबिन (चौथी लाइन) – 12 किमी (लागत: ₹233 करोड़)
- राजनांदगांव-डोंगरगढ़ (चौथी लाइन) – 31 किमी (लागत: ₹328 करोड़)
- करगी रोड-सल्का रोड (तीसरी लाइन) – 8 किमी (लागत: ₹95 करोड़)
राष्ट्र को समर्पित की गई रेलवे परियोजनाएं
- राजनांदगांव-बोरतलाव (तीसरी लाइन) – 48 किमी (लागत: ₹747 करोड़)
- नई रेल लाइन – मंदिर हसौद-केन्द्री-अभनपुर – 26 किमी (लागत: ₹353 करोड़)
- दुर्ग-रायपुर (ऑटोमैटिक सिग्नलिंग) – 37 रेल किमी (लागत: ₹88 करोड़)
- छत्तीसगढ़ राज्य में शत-प्रतिशत रेलवे लाइन का विद्युतीकरण
मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ
- अभनपुर-रायपुर (व्हाया-मंदिर हसौद) मेमू ट्रेन सेवा
परियोजनाओं के प्रमुख लाभ
नया रायपुर के लिए बेहतर कनेक्टिविटी अभनपुर, रायपुर, और मंदिर हसौद के बीच मेमू ट्रेन सेवा शुरू होने से स्थानीय यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह सेवा छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रालय और सचिवालय जाने वाले दैनिक यात्रियों के लिए समय और धन की बचत करेगी तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी।
यात्रियों के लिए तेज़ और सुविधाजनक यात्रा नई रेलवे लाइनों और अतिरिक्त ट्रैकों के निर्माण से ट्रेन की गति बढ़ेगी, जिससे यात्रा अधिक तेज़ और सुगम होगी। तीसरी, चौथी और पाँचवीं लाइन की परियोजनाएं ट्रेन संचालन क्षमता को बढ़ाएंगी, जिससे ट्रेनों की समयबद्ध आवाजाही सुनिश्चित होगी।
औद्योगिक रेलवे मार्गों के उन्नयन से कोयला, इस्पात और अन्य सामानों का परिवहन तेज़ और किफायती होगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। नए राजधानी क्षेत्र के लिए बेहतर कनेक्टिविटी अभनपुर-केन्द्री-मंदिर हसौद रेलवे लाइन नया रायपुर को रेलवे नेटवर्क से सीधे जोड़ेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाएंगी, माल और यात्री परिवहन की गति बढ़ाएंगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।