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Madvi Hidma: कुख्यात नक्सली के साले का दावा- 'सरेंडर करने गया था हिड़मा, धोखे से किया गया उसका एनकाउंटर'

Thu, 20 Nov 2025 08:36 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, सुकमा

सार

हिड़मा की मौत पर सबसे चौंकाने वाला आरोप उसके साले ललित ने लगाया है। अंतिम संस्कार के दौरान मीडिया से बात करते हुए ललित ने दावा किया है कि हिड़मा आत्मसमर्पण करने वाला था और वह आंध्र प्रदेश की पुलिस के सामने सरेंडर करने जा रहा था।
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एक करोड़ का इनामी हिड़मा मारा गया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश के सबसे मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर रहे माड़वी हिड़मा और उसकी पत्नी राजे के अंतिम संस्कार के साथ ही बस्तर के जंगलों में एक अध्याय समाप्त हो गया। सुरक्षा बलों के लिए यह एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, खासकर तब जब हिड़मा जैसे दुर्दांत नक्सली कमांडर के मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त भारत के लक्ष्य पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़े हो गए थे। हालांकि, हिड़मा की मौत को लेकर कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं और मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह इसकी चर्चा है।

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साले का दावा आत्मसमर्पण की तैयारी में था हिड़मा, एनकाउंटर बताया फर्जी
हिड़मा की मौत पर सबसे चौंकाने वाला आरोप उसके साले ललित ने लगाया है। अंतिम संस्कार के दौरान मीडिया से बात करते हुए ललित ने दावा किया है कि हिड़मा आत्मसमर्पण करने वाला था और वह आंध्र प्रदेश की पुलिस के सामने सरेंडर करने जा रहा था। उसे धोखे से मारा गया है। ललित ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान आंध्र प्रदेश के कई शीर्ष नक्सली नेता भी उसी इलाके में मौजूद थे, जिन्हें आंध्र प्रदेश की सरकार और पुलिस ने बचा लिया, जबकि बस्तर के नक्सलियों का फर्जी एनकाउंटर कर दिया।

बता दें कि बीते दिनों गृह मंत्री विजय शर्मा पूवर्ती पहुंचे थे, और टॉप नक्सली लीडर हिड़मा और देवा की मां के साथ भोजन किया था और उनसे इन दोनों नक्सलियों के आत्म समर्पण की अपील की थी। इसके कुछ घंटे बाद उनकी माता की भावनात्मक अपील का वीडियो सामने आया था, जिसमें दोनों ने अपने बेटों से आत्मसमर्पण करने की अपील की थी। हिड़मा के साले का कहना है कि हिड़मा आत्मसमर्पण करने वाला था लेकिन उसे धोखे से मारा गया।
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आरोपों पर यह बोले अधिकारी
इस पर अल्लूरी सीताराम जिले के एसपी अमित बरदार ने कहा है कि आरोप तो लगते रहते हैं बेशक हिड़मा चार लेयर की सुरक्षा में रहता होगा, लेकिन यह जंगल उसके लिए पूरी तरह से नया था। यहां उसकी विचारधारा को कोई नहीं मानता और उसे कोई सपोर्ट नहीं मिलता। यह कहना भी जल्दबाजी होगा कि हिड़मा यहां के जंगलों का ठीक से भ्रमण भी कर पाया था या नहीं। एसपी ने कहा की हिड़मा चार लेयर तो नहीं मगर दो लेयर की सुरक्षा में जरूर था, इसीलिए एनकाउंटर खत्म होने में काफी समय लग गया, वरना यह एनकाउंटर बहुत जल्द खत्म हो जाता।

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