जशपुर जिले के पत्थलगांव में साइबर ठगों ने एक विदेशी डोनर की ईमेल और वेबसाइट हैक करके गैर सरकारी संगठन से 14 लाख 43 हजार रुपये की ठगी की है। ठगों ने पुराने प्रोजेक्ट जारी रखने और ऑपरेशन संचालन के नाम पर रायगढ़ अम्बिकापुर हेल्थ एसोसिएशन (राहा) संस्था को झांसे में लिया। धोखाधड़ी का अहसास होने पर संस्था की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
संस्था की निदेशक सिस्टर मेरी क्रेसेन्सिया टोप्पो को 18 सितंबर 2026 को विदेशी डोनर के नाम से एक ईमेल प्राप्त हुआ था। इस ईमेल में डोनर संस्था के पुराने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने और विभिन्न कार्यों के संचालन के लिए वित्तीय मदद देने की बात कही गई थी। ईमेल को सही मानकर संस्था प्रबंधन ने त्वरित कदम उठाते हुए प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके बाद संस्था ने 22 सितंबर को पहली बार में 2 लाख 95 हजार रुपये और दूसरी बार में 4 लाख रुपये साइबर ठगों के बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके अगले ही दिन 23 सितंबर को संस्था ने 7 लाख 48 हजार रुपये की तीसरी किस्त भी संबंधित खाते में भेज दी। इस तरह तीन बार में कुल 14 लाख 43 हजार रुपये अपराधियों के बैंक खाते में चले गए।
तीन किस्तों में बड़ी रकम हासिल करने के बाद भी साइबर अपराधियों की नीयत साफ नहीं हुई। ठगों ने जब अगली किस्त की राशि किसी दूसरे बैंक खाते में भेजने का संदेश भेजा, तब संस्था प्रबंधन को संदेह हुआ। संस्था के अधिकारियों ने तुरंत अपने स्तर पर जांच-पड़ताल शुरू की। पड़ताल के दौरान पता चला कि जिस विदेशी डोनर के नाम से ईमेल आ रहे थे, उसकी आधिकारिक वेबसाइट को हैक कर लिया गया था। असलियत सामने आते ही संस्था ने ठगों को आगे कोई भी राशि ट्रांसफर करने से रोक दिया और तत्काल पुलिस की शरण ली।
संस्था की निदेशक सिस्टर मेरी क्रेसेन्सिया टोप्पो ने धोखाधड़ी का पता चलते ही तुरंत साइबर थाना जशपुर में शिकायत पत्र प्रस्तुत किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की है। जशपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार ने मामले की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि साइबर पुलिस टीम ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों, ईमेल आईडी के इस्तेमाल और वेबसाइट हैकिंग से जुड़े तमाम तकनीकी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। पुलिस की टीम साइबर अपराधियों की पहचान करने और ट्रांसफर की गई राशि का पता लगाने के प्रयास में जुटी हुई है।