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CG: सांसद बृजमोहन बनाम IAS विवाद में नया मोड़, पूर्व MP जयश्री बनर्जी ने अमित कटारिया के खिलाफ जांच की मांग की

Sun, 09 Aug 2026 05:27 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव आईएएस अमित कटारिया और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बीच चल रहा विवाद अब सियासी और प्रशासनिक गलियारों में और गरमा गया है। मामले में मध्यप्रदेश की पूर्व सांसद एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री जयश्री बनर्जी ने भी हस्तक्षेप किया है।
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रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व सांसद जयश्री बनर्जी और आईएएस अमित कटारिया की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सचिव आईएएस अमित कटारिया और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बीच चल रहा विवाद अब केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित नहीं रहा। मामले में मध्यप्रदेश की पूर्व सांसद एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री जयश्री बनर्जी की एंट्री के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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जयश्री बनर्जी ने 5 अगस्त 2026 को लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजा। इसमें उन्होंने मीडिया रिपोर्टों के हवाले से बृजमोहन अग्रवाल द्वारा स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के खिलाफ की गई शिकायत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मामला जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी से जुड़ा होने के कारण इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। पूर्व सांसद ने यह भी बताया कि इस मामले में लोकसभा सचिवालय की ओर से पहले ही संबंधित स्तर से तथ्यात्मक जानकारी मांगी जा चुकी है।

पत्र में जयश्री बनर्जी ने अमित कटारिया के स्वास्थ्य विभाग में कार्यकाल के दौरान 108 एंबुलेंस सेवा से संबंधित टेंडर प्रक्रिया का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में नियमों की कथित अनदेखी और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। उनका कहना है कि 108 एंबुलेंस सेवा सीधे आम लोगों की स्वास्थ्य सुविधा से जुड़ी है। इसलिए इससे संबंधित किसी भी टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका होने पर स्वतंत्र जांच के जरिए तथ्य सामने लाए जाने चाहिए। जयश्री बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि रायपुर सांसद की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
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मई में शुरू हुआ था विवाद
पूरे मामले की शुरुआत 20 मई 2026 को हुई थी। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आरोप लगाया था कि स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया से फोन पर बातचीत के दौरान उन्हें कथित तौर पर आपत्तिजनक जवाब मिला था। सांसद के अनुसार उन्होंने जनहित से जुड़े कई पत्र और स्मरण पत्र विभाग को भेजे थे, लेकिन लंबे समय तक उनका जवाब नहीं मिला। इसके बाद 21 मई को सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखित शिकायत भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी।

लोकसभा सचिवालय ने मांगी थी जानकारी
सांसद की शिकायत के बाद लोकसभा सचिवालय ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्मिक मंत्रालय से संबंधित तथ्यों की जानकारी मांगी थी। इसके बाद मामला प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा में आ गया।
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