छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सोमवार को नक्सलियों ने सड़क निर्माण में खड़े वाहनों और मशीनों को फूंक दिया। यह सड़क तुमनार से कोइटपाल के बीच बनाई जा रही थी। जिसमें नक्सलियों ने चार वाहनों को तो आग लगाई ही साथ ही ठेकेदार का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि नक्सलियों ने मजदूरों को काम रोकने के लिए धमकी दी थी।
आपको बता दें कि चार वाहनों में दो जेसीबी और दो मशीनें थी। वहीं जिसकी हत्या की गई है वह ठेकेदार कुरूद का रहने वाला है। सबसे पहले तो नक्सलियों ने ठेकेदार की हत्या की और बाद में उसके शव को आगजनी वाले स्थान पर ही फेंक कर चले गए।
वहीं दूसरी ओर कोंडागांव में दस नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष
आत्मसमर्पण किया है। समर्पण करने वाले नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में अधिकतर कैडर निचली रैंक वाले हैं। इनमें जनमिलितिया कमांडर विकास सलाम (40) भी शामिल है। जिसकी पुलिस क्षेत्र में ब्लास्ट जैसी घटनाओं को अंजाम देने में संलिप्तता पाई गई थी।
इससे पहले नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में बारूदी सुरंग में विस्फोट कर एंटी लैंडमाइन व्हीकल को उड़ा दिया था। इस हमले में 9 सेना के जवान शहीद हुए थे। साथ ही कुछ जवान घायल भी हुए। जिसके बाद सुरक्षाबलों द्वारा तलाशी अभियान चलाया गया और कई नक्सलियों की गिरफ्तारी की गई।
छत्तीसगढ़ जैसे पिछड़े इलाके में सरकार विकास कार्य करने में पीछे नहीं है। लेकिन यहां नक्सली विकास कार्यों में आए दिन बाधा पहुंचाते रहते हैं। गाड़ियों को
आग के हवाले करने के पीछे का कारण भी सड़क निर्माण कार्य में बाधा पहुंचाना था।