कोंडागांव पूर्वी बस्तर डिवीजन अंतर्गत सक्रिय 1 लाख रुपये के इनामी नक्सली पिलसाय कश्यप पिता सुखराम कश्यप (उम्र 32 वर्ष), निवासी कुदुर जिला कोंडागांव ने पुलिस अधीक्षक वॉय अक्षय कुमार (भा.पु.से.) के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
कोंडागांव पूर्वी बस्तर डिवीजन अंतर्गत सक्रिय 1 लाख रुपये के ईनामी नक्सली पिलसाय कश्यप पिता सुखराम कश्यप (उम्र 32 वर्ष), निवासी कुदुर जिला कोंडागांव ने पुलिस अधीक्षक वॉय अक्षय कुमार (भा.पु.से.) के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। पिलसाय कश्यप कृषि विभाग/आमदई एलओएस सदस्य के रूप में सक्रिय था।
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लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों, संगठन के अंदरूनी मतभेद, वरिष्ठ नेताओं के आत्मसमर्पण तथा समाज की मुख्यधारा में लौटकर शांतिपूर्ण जीवन जीने की चाह ने उसे आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया। आत्मसमर्पण के दौरान उसे “छत्तीसगढ़ आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025” के तहत 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण का श्रेय शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, सड़कों के विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाओं की पहुंच और सुरक्षा बलों की सकारात्मक सामुदायिक पुलिसिंग को जाता है। आत्मसमर्पित नक्सली पर कई गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें वर्ष 2021 में आईटीबीपी जवानों पर फायरिंग कर दो जवानों की हत्या, वर्ष 2024 में दुड़मी गांव में जियो टावर जलाने तथा अन्य लूटपाट की घटनाएं शामिल हैं।
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आत्मसमर्पण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) रूपेश कुमार डांडे, डिप्टी कमांडेंट कमल सिंह, उप पुलिस अधीक्षक सतीश भार्गव एवं सीआरपीएफ 188वीं बटालियन के अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस ने इसे नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया है।