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Exclusive: नक्सली पापा राव की लेटेस्ट तस्वीर आई सामने; कुख्यात नक्सली को जगदलपुर लेकर आ रही पुलिस

Tue, 24 Mar 2026 02:51 PM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर/जगदलपुर

सार

Naxalite Papa Rao Surrender: छत्तीसगढ़ से नक्सल खात्मे की डेडलाइन 31 मार्च 2026 से करीब एक सप्ताह पहले खूंखार नक्सली पापा राव आज मंगलवार को सरेंडर कर सकता है।
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ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल - फोटो : Amar ujala digital
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Naxalite Papa Rao Surrender: छत्तीसगढ़ से नक्सल खात्मे की डेडलाइन 31 मार्च 2026 से करीब एक सप्ताह पहले खूंखार नक्सली पापा राव आज मंगलवार को सरेंडर कर सकता है। वह अपने 17 साथियों के साथ सरेंडर करेगा। इस बीच पापा राव की लेटेस्ट तस्वीर सामने आई है। तस्वीर में दिख रहा है कि वह एके-47 हथियार के साथ जंगल में बैठा हुआ है। पापा राव समेत कुल 12 नक्सली दिख रहे हैं। इनमें पांच नक्सली हथियार के साथ बैठे हुए हैं। तस्वीर में बस्तर के पत्रकार रानू तिवारी भी दिखाई दे रहे हैं। 
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बताया जाता है कि पापा राव एके-47 समेत कई आधुनिक हथियारों से लैस रहता है। वह वेस्ट बस्तर डिवीजन का सचिव और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) का सदस्य है। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस संबंध में बड़ा बयान देते हुए कहा कि नक्सली पापाराव के आत्मसमर्पण के साथ छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म होगा। अब छत्तीसगढ़ में बड़े कैडर का एक भी नक्सली नहीं बचा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।



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लाल आतंक का बड़ा चेहरा नक्सली पापा राव सरेंडर करने के लिये जंगल के रास्ते अपने 17 साथियों के साथ निकल चुका है। सूत्रों के अनुसार, बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में वह अगले कुछ घंटों में पहुंच सकता है। फिर वहां से उसे जगदलपुर लाया जायेगा। बस्तर संभाग के आईजी पी. सुंदरराज के सामने वह अपने 17 साथियों और हथियार के साथ औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करेगा। 






नक्सलियों का रणनीतिकार है पापा राव
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, पापा राव को लेने के लिए पुलिस बल की टीम इंद्रावती नेशनल पार्क क्षेत्र के एक गोपनीय स्थान के लिए रवाना हो चुकी है। पापा राव लंबे समय से नक्सलियों का रणनीतिकार रहा है। वह कई बड़े नक्सली वारदात में शामिल रहा है। जिनमें कुटरू-बेदरे रोड पर हुआ आईईडी ब्लास्ट भी शामिल है। इसमें आठ जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। इस हमले का मास्टरमाइंड पापा राव को माना जाता है। इसके साथ ही एंबुश लगाने और फोर्स पर हमले की रणनीति बनाने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। उसकी पत्नी उर्मिला भी पीएलजीए बटालियन की सदस्य थी, वह एक मुठभेड़ में मारी गई थी। 

1990 के दशक से माओवादी आंदोलन से जुड़ा पापा राव
बता दें कि पापा राव का असली नाम मंगू दादा या चंद्रन्ना है। वह सुकमा जिले के निमलगुड़ा गांव का रहने वाला है। 56 वर्ष से अधिक उम्र का यह नक्सली 1990 के दशक से माओवादी आंदोलन से जुड़ा हुआ था। 
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आधिकारिक तौर पर सरेंडर की पुष्टि नहीं
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने उसे घेर लिया है और सरेंडर करने की बात कही है। हालांकि पुलिस ने अभी आधिकारिक तौर पर उसके सरेंडर करने की पुष्टि नहीं की है। इस मामले में पुलिस आज या कल में पुष्टि करेगी। 

...तो खत्म हो जायेगा नक्सलवाद
पापा राव के सरेंडर या ढेर होने से पश्चिम बस्तर डिवीजन में नक्सलवाद की पूरी संरचना ताश के पत्ते की तरह बिखरकर टूट जायेगी। बस्तर में अब सिर्फ 100-125 नक्सली बचे हैं। हालांकि कोई बड़ा नक्सली कमांडर नहीं बचा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार के नक्सल अभियान की सबसे बड़ी सफलता मानी जायेगी। बता दें कि अब तक 500 से ज्यादा नक्सली सरेंडर कर चुके हैं। 




 
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