दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल थाना क्षेत्र में तीन फरवरी को नक्सलियों ने जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए आईईडी लगाया था। इस आईईडी की चपेट में आने से दो जवान घायल हुए थे, जबकि अन्य आईईडी लगाने के दौरान नक्सली खुद ही घायल हो गया था। उपचार के दौरान पुलिस ने पकड़ा और उसी नक्सलीकी निशानदेही पर अन्य जगह छुपाए आईईडी को भी बरामद किया है।
बता दें कि तीन फरवरी को जिला बीजापुर, सुकमा एवं दंतेवाड़ा के सीमावर्ती क्षेत्रों के जंगल पहाड़ो में पश्चिम-बस्तर डिवीजन के नक्सली संगठन के लगभग 30-40 सशस्त्र नक्सलियों के सूचना पर डीआरजी, बस्तर फाइटर दंतेवाड़ा, सीआरपीएफ यंग प्लाटून का संयुक्त बल अलग-अलग कैंपों से गए हुए थे। चार फरवरी की सुबह पुलिस पार्टी ग्राम पुरंगेल के जंगल, नाला पर पहुंचे थे कि नक्सलियों द्वारा पुलिस पार्टी को नुकसान पहुंचाने व हथियार लूटने की नियत से घात लगाकर आईईडी ब्लास्ट किया।इसकी चपेट में आने से सीआरपीएफ-231 के यंग प्लाटून का एक जवान घायल हो गया था।
आईईडी विस्फोट करने के बाद घात लगाकर बैठे नक्सलियों द्वारा पुलिस बल पर अंधाधुंध फायरिंग करने लगे, जिससे पुलिस पार्टी द्वारा जवाबी कार्रवाई की गई। फायरिंग रुकने के बाद पुलिस पार्टी के आगे बढ़ने के दौरान नक्सलियों द्वारा पुलिस बल को जान से मारने की नियत से लगाये गये स्पाईक होल में बीटीआर का एक जवान के गिरने से उसके दाहिने पैर के तलवे में स्पाइक लगने से घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज करते हुए आरोपी की पता तलाश शुरू कर दिया गया, जहां मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने कोसा सोड़ी मिलीशिया सदस्य (30) निवासी डोडी तुमनार थाना गंगालूर जो कि उपचार के लिए जिला अस्पताल दन्तेवाड़ा आने की सूचना पर उसे जिला अस्पताल दंतेवाड़ा में हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान आरोपी कोसा सोड़ी ने बताया कि चार फरवरी को हुए ब्लास्ट में शामिल होने व पुलिस के आने के रास्ते में दोबारा आईईडी लगाने के समय बम फटने से खुद घायल हो गया था। इसके अलावा आरोपी ने बताया कि घटनास्थल में एक अन्य आईईडी छुपाकर रखा भी है। नक्सली के बताई जगह पर पुलिस ने जब खोजबीन की तो एक आईईडी, बिजली वायर को बरामद कर जब्त किया गया। 21 फरवरी को गिरफ्तार नक्सली को न्यायालय में पेश किया गया।