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Chhattisgarh: अमित शाह के दौरे से पहले नक्सलवाद को झटका, सुकमा में 21 नक्सलियों ने किया सरेंडर

Sat, 07 Feb 2026 05:34 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, सुकमा

सार

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। जिले के 26 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का साहसिक निर्णय लिया है।
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नक्सली मुठभेड़ - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। जिले के 26 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का साहसिक निर्णय लिया है। इन माओवादियों पर करोड़ों का इनाम घोषित था, जो इस आत्मसमर्पण के महत्व को और बढ़ाता है। यह घटना सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों और नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

 

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सुरक्षा बलों की सफलता और आत्मसमर्पण का महत्व
सुकमा जिला लंबे समय से नक्सलवाद की गतिविधियों से प्रभावित रहा है। इन 21 माओवादियों का आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी कामयाबी है। यह न केवल नक्सल गतिविधियों में कमी लाएगा, बल्कि अन्य भटके हुए युवाओं को भी हिंसा का मार्ग छोड़कर सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित करेगा। इन माओवादियों द्वारा छोड़ी गई हिंसा और उनके द्वारा समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय, क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इन व्यक्तियों पर भारी इनाम घोषित था, जो दर्शाता है कि वे नक्सली संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। उनके आत्मसमर्पण से नक्सली ढांचे को निश्चित रूप से कमजोरी पहुंचेगी।
 
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नक्सलियों के मुख्यधारा में लौटने के उद्देश्य और लाभ
इन माओवादियों के समाज की मुख्यधारा में लौटने का उद्देश्य स्पष्ट है - वे हिंसा के दुष्चक्र से बाहर निकलकर एक सामान्य और सुरक्षित जीवन जीना चाहते हैं। सरकार और सुरक्षा बल ऐसे व्यक्तियों को पुनर्वास और सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि वे समाज में फिर से अपनी पहचान बना सकें। इस तरह के आत्मसमर्पण से न केवल व्यक्तिगत जीवन सुधरता है, बल्कि स्थानीय समुदायों में विश्वास और सुरक्षा की भावना भी बढ़ती है। यह कदम यह भी दर्शाता है कि नक्सली विचारधारा से मोहभंग हो रहा है और युवा विकासोन्मुख जीवन की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यह आत्मसमर्पण क्षेत्र में शांति स्थापित करने और विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
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