नवा रायपुर अटल नगर इन दिनों एक ऐसी परियोजना का गवाह बन रहा है जो आने वाले समय में पूरे मध्य भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को नया रूप देने वाली है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विकसित की जा रही मेडिसिटी योजना सिर्फ राजधानी की पहचान नहीं बदलेगी, बल्कि इसे देश के प्रमुख हेल्थकेयर हब में बदलने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की प्राथमिकता पर तैयार हो रही यह परियोजना स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़े बदलाव की दिशा में निर्णायक कदम मानी जा रही है।
नवा रायपुर पहले से ही आधुनिक शहर के रूप में विकसित हो चुका है, सुविधाजनक सड़कों, बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत शहरी ढांचे के साथ। अब मेडिसिटी के विकसित होने से यह क्षेत्र पड़ोसी राज्यों जैसे ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र के लोगों के लिए भी प्रमुख स्वास्थ्य गंतव्य बनने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं के शुरू होने के बाद नवा रायपुर मेडिकल टूरिज्म का नया केंद्र भी बन सकता है।
सेक्टर 36 और 37 में करीब 200 एकड़ में विकसित हो रही मेडिसिटी एक विशाल स्वास्थ्य नगर का रूप ले रही है। यहां 5000 से अधिक बेड वाले सुपर–स्पेशियलिटी अस्पताल, मेडिकल यूनिवर्सिटी, नर्सिंग कॉलेज, रिसर्च इंस्टीट्यूट और आधुनिक डायग्नोस्टिक्स सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। मरीजों, छात्रों और डॉक्टरों के लिए एक ही परिसर में सुविधाएँ उपलब्ध कराने वाला “वॉक-टू-हॉस्पिटल” मॉडल इस मेडिकल सिटी को बेहद आधुनिक और सुविधाजनक बनाता है। आवास, होटल, धर्मशाला और रहने की अन्य व्यवस्थाएँ इसे पूर्ण स्वास्थ्य क्षेत्र में तब्दील करती हैं।
नवा रायपुर की ताकत यहाँ पहले से मौजूद अत्याधुनिक संस्थान भी हैं। सत्य साई संजीवनी अस्पताल 2012 से बच्चों के हृदय उपचार का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय केंद्र बना हुआ है, जहाँ देश के साथ पड़ोसी देशों के मरीज भी आते हैं। बालको कैंसर हॉस्पिटल 2018 से कैंसर उपचार का प्रमुख केंद्र है, जो 500-600 किलोमीटर के दायरे के लोगों को उन्नत चिकित्सा सेवाएँ दे रहा है। रायपुर का वातावरण, कम लागत और बेहतर सुविधाएँ मरीजों के लिए इसे और आकर्षक विकल्प बनाती हैं।
मेडिसिटी स्वास्थ्य सेवाओं के साथ आर्थिक गतिविधियों का केंद्र भी बनेगी। स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस और सेवा क्षेत्रों में हजारों रोजगार सृजित होंगे। इसके आसपास व्यापारिक प्रतिष्ठान, आवास और नई सुविधाएँ विकसित होंगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी का कहना है कि मेडिसिटी आने वाले वर्षों में नवा रायपुर को मेडिकल शिक्षा, रिसर्च और हेल्थ इकोनॉमी का सबसे तेज़ उभरता हुआ केंद्र बनाएगी। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मानना है कि यह परियोजना न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे क्षेत्र को सस्ती, सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नवा रायपुर मेडिसिटी आने वाले समय में स्वास्थ्य क्षेत्र के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक विकास का मजबूत आधार बनने जा रही है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ को उस दिशा में ले जाएगी जहाँ से मध्य भारत के लिए एक नए स्वास्थ्य युग की शुरुआत होगी।