नेशनल हाइवे-45 हुआ क्षतिग्रस्त
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बिलासपुर को रतनपुर, केंदा, केवची होते हुए मध्यप्रदेश के अमरकंटक और जबलपुर से जोड़ने वाले नेशनल हाइवे-45 के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में पूरा हुआ सड़क का एक बड़ा हिस्सा पहली मूसलाधार बारिश में तीन स्थानों पर बह गया, जिसमें साइड शोल्डर, फीलिंग और डामर टूटकर बह गए। साथ ही मुख्य मार्ग पर लंबी-लंबी दरारें उभर आईं।
स्थानीय लोग नेशनल हाइवे अथॉरिटी (NHAI) पर घटिया निर्माण का आरोप लगा रहे हैं। इस सड़क का निर्माण कार्य तीन महीने पहले पूरा हुआ था, जबकि पुल-पुलियों का काम अभी भी जारी है। दो दिन पहले हुई भारी बारिश के कारण सड़क के तीन डायवर्जन अप्रोच रोड बह गए। मरम्मत कार्य शुरू किया गया है, लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण इसमें बाधा आ रही है। हादसे के 48 घंटे बाद भी इस मार्ग पर यातायात अस्थायी रूप से बंद है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
सड़क की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि NHAI के घटिया निर्माण के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। मामले में अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी सामने नहीं आया है, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ रहा है।
मांग और अपेक्षा
स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि NHAI इस मामले की गहन जांच करे, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें और सड़क की गुणवत्ता में सुधार करें। यह हाइवे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रदान करता है, जो गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को भी जोड़ता है। लोगों को उम्मीद है कि अथॉरिटी जल्द जवाबदेही तय करेगी और सड़क को दुरुस्त करेगी।