छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण अधिकारी के पद पर चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिलने के मामले में बड़ा आदेश दिया है। उच्च न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अभ्यर्थी की नियुक्ति के दावे पर 90 दिन के भीतर नियमानुसार निर्णय लें। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि अभ्यर्थी पात्र और योग्य पाया जाता है, तो भर्ती नियमों के अनुसार नियुक्ति आदेश जारी किया जाए।
दस्तावेज सत्यापन हुए, काउंसलिंग भी…पर आदेश नहीं
यह आदेश न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की पीठ ने जांजगीर-चांपा जिले के बरगांव निवासी राकेश कुमार करश की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिकाकर्ता ने शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण अधिकारी (इलेक्ट्रीशियन) पदों के लिए जारी विज्ञापन के तहत आवेदन किया था। उन्होंने लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की और मेरिट सूची में स्थान बनाया।
चयन प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन और काउंसलिंग के लिए आमंत्रित किया गया। याचिकाकर्ता के दस्तावेज को अधिकारियों ने स्वीकार भी कर लिया। इसके बावजूद लंबे समय तक उन्हें नियुक्ति आदेश जारी नहीं किया गया।
अभ्यर्थी ने उच्च न्यायालय में दायर की याचिका
नियुक्ति लंबे समय तक लंबित रहने पर अभ्यर्थी ने उच्च न्यायालय का रुख किया। याचिका में उन्होंने नियुक्ति आदेश जारी करने और कार्यभार ग्रहण कराने के लिए आवश्यक पत्र उपलब्ध कराने की मांग की थी। उनका कहना था कि पूरी चयन प्रक्रिया में सफल होने और दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बावजूद विभाग ने उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान नहीं किया।