छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण में कटौती को लेकर कांग्रेस नेता मोहन मरकाम ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे पिछड़ा वर्ग समाज के साथ सरासर अन्याय और कुठाराघात बताया। मरकाम ने कहा कि बस्तर संभाग में पिछड़ा वर्ग को न्यूनतम आरक्षण दिया गया है, जिससे उनकी राजनीतिक भागीदारी खत्म करने की साजिश की जा रही है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली चुनावों में कोंडागांव नगरपालिका के 22 वार्डों में पिछड़ा वर्ग के लिए 6 सीटें आरक्षित थीं, जो अब घटकर 3 रह गई हैं। फरसगांव और पंचायत स्तर पर पिछड़ा वर्ग को शून्य प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। यह समाज के अधिकारों पर सीधा हमला है।
मरकाम ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित 27% पिछड़ा वर्ग आरक्षण विधेयक को रोके रखा है। उन्होंने भाजपा पर पिछड़ा वर्ग, एसटी और एससी वर्गों के बीच दरार डालने की साजिश का आरोप लगाया।उन्होंने 30 दिसंबर को सर्व पिछड़ा वर्ग समाज द्वारा बस्तर संभाग में प्रस्तावित महाबंद और जंगी प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पिछड़े वर्ग के अधिकारों की लड़ाई में पूरी तरह साथ है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल पिछड़ा वर्ग की नहीं, बल्कि सभी वर्गों की संयुक्त लड़ाई है।