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CG News: किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम, पीएम-आशा योजना से दलहन-तिलहन में आत्मनिर्भरता की तैयारी

Sun, 30 Nov 2025 04:43 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

प्रधानमंत्री-अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजना के तहत  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दलहन एवं तिलहन आत्मनिर्भरता मिशन की शुरुआत की गई,  जिससे किसानों की आय बढ़ाने और दाल उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने का लक्ष्य है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री-अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजना के तहत  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दलहन एवं तिलहन आत्मनिर्भरता मिशन की शुरुआत की गई,  जिससे किसानों की आय बढ़ाने और दाल उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने का लक्ष्य है। योजना का उद्देश्य कृषकों से दलहनी तथा तिलहनी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय करना है।
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प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम.आशा) एक व्यापक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करके लाभकारी मूल्य दिलाना है। इसमें तीन मुख्य घटक शामिल हैं: मूल्य समर्थन योजना (PSS), मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF), और मूल्य घाटा भुगतान योजना (PDPS) है । इसका मुख्य लक्ष्य किसानों की आय को बढ़ाना और उनकी आय के संरक्षण की दिशा में काम करना है। इस योजनांतर्गत राज्य में उत्पादित किये जाने वाली अरहर, उड़द एवं मसूर का शत् प्रतिशत उपार्जन तथा शेष फसलों यथा मूंगफली, सोयाबीन, मूंग, चना, सरसों का राज्य के उत्पादन का 25 प्रतिशत उपार्जन केन्द्र सरकार द्वारा अपनी प्रापण संस्थाओं (प्रोक्योरमेंट एजेंसीज) नाफेड तथा एनसीसीएफ के माध्यम से किया जायेगा। सबसे खास बात यह है कि सरकार न केवल दालों के उत्पादन को बढ़ाकर देश को आत्मनिर्भर बनाना चाहती है, बल्कि किसानों की आमदनी को बढ़ाना चाहती है। 

सरकार चाहती है कि दाल उगाने वाले किसानों को उनकी मेहनत का पूरा पैसा मिले और उनकी फसल की समय पर खरीद की जा सके। इसी दिशा में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) शुरू किया गया है, जो किसानों की आर्थिक सुरक्षा को सशक्त करने की दिशा में एक ठोस कदम है। इसके तहत किसानों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी की जाएगी। 
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पीएम-आशा के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत जिले में 5 उपार्जन केन्द्रों  विकासखंड बलौदाबाजार जिले में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बलौदाबाजार, विकासखंड पलारी में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति अमेरा, विकासखंड भाटापारा में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति धुर्राबांधा, विकासखंड कसडोल में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति कसडोल, विकासखंड सिमगा में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सिमगा का नाम शासन द्वारा अधिसूचित किया गया है। 

योजनांतर्गत उपज विक्रय हेतु इच्छुक कृषक को अपना पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल पर कराना तथा समीपस्थ उपार्जन केन्द्र संबंधित का उल्लेख करना अनिवार्य है। पंजीयन के दौरान चिन्हित उपार्जन केन्द्र के चयन द्वारा विपणन किया जा सकता है। प्रत्येक अधिसूचित फसल की उपार्जन अवधि 90 दिवस निर्धारित होती है। इस योजना के माध्यम से न सिर्फ कृषक द्वारा उसके उत्पाद का उचित मूल्य पर विक्रय किया जा सकता है अपितु प्रतिस्पर्धा विकास के द्वारा बाजार में उपज का अधिक मूल्य भी प्राप्त हो सकता है। यह समस्त स्थिति फसल विविधिकरण के लिए अनुकूल परिस्थितियों निर्मित करने में भी सहायक हो सकती है।
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