राजधानी रायपुर में मच्छर और मलेरिया पर रोक के लिए करोड़ों में सरकारी बजट होने के बावजूद नगर निगम उसका नाममात्र ही खर्च कर पा रहा है। इससे समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है और शहर में लगातार डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। नगर निगम रायपुर के पास पिछले दो सालों में मच्छर मारने के लिए 255 लाख रुपये का बजट था, लेकिन नगर निगम सिर्फ 17 लाख रुपये ही खर्च कर पाया। बची हुई राशि अन्य मदों में खर्च कर दी गई।
यह खुलासा सूचना के अधिकार से मिले दस्तावेजों से हुआ है। कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ आरटीआई एक्टिविस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह ठाकुर ने मच्छर उन्मूलन व महामारी रोकथाम से संबंधित आय-व्यय की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मांगी थी। उनके जानकारी मांगने पर पहले नगर निगम ने टालमटोल किया। उसके बाद सूचना आयोग के निर्देश के बाद जानकारी उपलब्ध कराई गई।
राजधानी में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन नगर निगम मच्छरों को काबू करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। निगम आयुक्त से लेकर अन्य अधिकारियों के लगातार दबाव के बावजूद फॉगिंग मशीनें नाम के लिए चल रही हैं। मच्छर उन्मूलन के लिए नगर निगम रायपुर के पास 2010-11 में 95 लाख रुपए का बजट था। इसमें से नगर निगम केवल 1.08 लाख रुपए ही खर्च कर सका। इसी में फॉगिंग मशीन खरीदने के लिए 45 लाख रुपए का बजट होने पर भी नगर निगम ने 10 लाख रुपए ही खर्च किए।