बिलासपुर जिले के रतनपुर के महामाया चौक में आधी रात राहगीर को रोककर लूट की वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। ऑटो सवार युवकों ने इलाज कराकर घर लौट रहे एक युवक को घेर लिया और डंडे का डर दिखाकर उससे नकदी लूट ली। घटना की सूचना मिलते ही सक्रिय हुई रतनपुर पुलिस ने कुछ ही घंटों में वारदात का खुलासा करते हुए दो युवकों और तीन विधि से संघर्षरत बालकों को पकड़ लिया।
पुलिस के मुताबिक, ग्राम कर्रा निवासी युवराज सिंह 17 अगस्त की रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर से इलाज कराने के बाद घर लौट रहा था। रात करीब 12 बजे वह महामाया चौक स्थित कृष्णा ट्रेडर्स के पास पहुंचा। इसी दौरान ऑटो में सवार कुछ युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उससे पैसे मांगे। युवराज ने पैसे नहीं होने की बात कही तो आरोपियों ने डंडा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसकी पैंट की जेब से 1,200 रुपये निकालकर आरोपी ऑटो से फरार हो गए।
शिकायत मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। पुलिस टीम ने तत्काल आरोपियों और वारदात में इस्तेमाल ऑटो की तलाश शुरू की। जांच के दौरान ऑटो सवार युवकों की पहचान सरकंडा थाना क्षेत्र के इमलीभाठा निवासी के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर राहुल दुबे (25) और पवन कुमार गौहर (19) को गिरफ्तार किया। उनके साथ तीन नाबालिगों को भी अभिरक्षा में लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने लूट की वारदात में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से 1,000 रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त ऑटो क्रमांक CG 10 CD 7944 जब्त किया है। सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।