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निर्दयी पुलिस: दिव्यांगों को घसीटकर ले गई, महिलाओं के साथ की बदसलूकी, सदन में गूंजा कार्रवाई का मुद्दा, Video

Wed, 16 Jul 2025 06:08 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

Raipur Police Viral Video: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस का एक बार फिर अमानवीय चेहरा सामने आया है। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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पुलिस का दिव्यांग महिलाओं के साथ बदसलूकी - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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Raipur Police Viral Video: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस का एक बार फिर अमानवीय चेहरा सामने आया है। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विधानसभा घेराव करने जा रहे दिव्यांगों के साथ पुलिस ने दुर्व्यहार किया है। पुलिस ने सारी हदें पार करते हुए बेरहमी से घसीटते हुए गाड़ी में बैठा रही है। आरोप है कि निर्दयी पुलिस ने इस दौरान महिलाओं के साथ की बदसलूकी भी की। पुलिस प्रदर्शनकारियों को लेकर नवा रायपुर के धरना स्थल तूता भेज दिया।

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दिव्यांग संघ 100 दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर लगातार हड़ताल कर रहा है। दिव्यांग संघ आज बुधवार को विधानसभा घेराव करने जा रहा था। इस दौरान पुलिस ने धनेली-बिलासपुर रोड से घेराव से पहले ही दिव्यांगजनों को रोका। पुलिसकर्मी दिव्यांगों को बलपूर्वक घसीटते हुए पुलिस वाहन में भरा और इसके बाद तूता लेकर गई। इस मामले का वीडियो  सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सभी लोग पुलिस की इस कृत्य की निंदा कर रहे हैं।
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देखें वीडियो

छह सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन

  • फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे सरकारी नौकरी पाने वालों को बर्खास्त किया जाये
  • दिव्यांग कोटे के बैकलॉग पदों पर विशेष भर्ती अभियान चले 
  • दिव्यांगों के पेंशन को 5000 रुपए प्रतिमाह किया जाए
  • बीपीएल की अनिवार्यता समाप्त की जाए
  • 21 वर्ष से अधिक अविवाहित दिव्यांग महिलाओं को महतारी वंदन योजना में शामिल किया जाए
  • 3% पदोन्नति आरक्षण के पालन के लिए परिपत्र जारी किया जाए 



कांग्रेस ने सदन में उठाया मुद्दा, बर्बरता पर कार्रवाई की मांग की
दिव्यांगजनों के साथ रायपुर में हुई पुलिसिया बर्बरता पर कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने विधानसभा के मानसून सत्र में यह मुद्दा उठाकर सरकार को घेरा। दिव्यांगों पर बर्बरता करने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की मांगों को सुनें और उसे पूरा करें।

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उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन अपनी मांगों को लेकर विधानसभा तक पहुंचे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने बर्बरतापूर्वक मारपीट की। मुंगेली के एक दिव्यांग का हाथ टूट गया और कपड़े भी फट गए। कई दिव्यांगों का मोबाइल छीनकर तोड़ दिया गया। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि पुलिस किसी पर हाथ नहीं उठा सकतीय। यह सुप्रीम कोर्ट और संविधान का उल्लंघन है। 

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