फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन : छत्तीसगढ़ जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का फैसला, मांग पूरी नहीं होने पर करेंगे हड़ताल

Fri, 28 Jul 2023 09:16 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर

सार

मेकाज के डॉक्टरों ने  हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। डॉक्टरों का कहना है डॉक्टरों की रणनीति के आधार पर एक अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर सकते हैं।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज जगदलपुर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेडिकल कॉलेज डिमरापाल के डॉक्टरों ने शुक्रवार से अपने हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। मेकाज के डॉक्टरों का कहना है कि जब तक रायपुर में बैठे डॉक्टरों की टीम की तरफ से कोई आदेश नहीं आता, तब तक मेकाज के डॉक्टर हाथ में काली पट्टी बांधकर ही शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करते रहेंगे। अगर एक सप्ताह के बाद भी डॉक्टरों की मांगों को नजर अंदाज किया जाता है तो संघ के ओर से लिए गए फैसले के बाद ही आगे की रणनीति तय की जायेगी।

विज्ञापन


जगदलपुर जीएमसी अध्यक्ष ए प्रशांत ने बताया कि जनवरी माह में मेकाज के तैनात पीजी, पीजी बोंडेड (MD/MS) डॉक्टर, पोस्ट एमबीबीएस बॉन्डेड डॉक्टर्स एवं इंटर्न के द्वारा वेतन वृद्धि को लेकर 5 दिनों तक हड़ताल की गई थी। इसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन मिला था, लेकिन आश्वासन के बाद भी मांगे पूरी होती न देखकर एक बार फिर से डॉक्टरों ने हड़ताल की शुरुआत की है। शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर शांति पूर्ण तरीके से विरोध शुरू कर दिया गया है, उसके बाद भी मांग पूरी नहीं होती है तो रायपुर में बैठे डॉक्टरों की रणनीति के आधार पर 1 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर सकते हैं।

इस मामले को लेकर डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री के नाम पहले भी ज्ञापन भेजे जाने की बात कही है। मामले के बारे में छत्तीसगढ़ जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के डॉक्टरों ने बताया कि 25 जनवरी 2023 को समस्त चिकित्सा विद्यालय के छात्रों ने पीजी, पीजी बोंडेड (MD/MS) डॉक्टर, पोस्ट एमबीबीएस बॉन्डेड डॉक्टर्स एवं इंटर्न के स्टाइपेंड वृद्धि हेतु शांतिपूर्ण आंदोलन किया था। मुख्यमंत्री ने उस समय आश्वासन दिया था कि उनकी मांगों पर एक त्वरित निर्णय लिया जाएगा, लेकिन 6 माह के उपरांत भी स्टाइपेंड वृद्धि के विषय मे शासन की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया। 
विज्ञापन


सरकारी तंत्र के इस अनदेखी ने डॉक्टरों को काफी हतोत्साहित किया है, इसीलिए उन्होंने एक हफ्ते के ब्लैक रिबन के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर अपनी मांगों को फिर से शासन प्रशासन तक लेकर जाने की बात कही है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर फिर भी शासन उनकी लंबित मांगों पर कोई निर्णय नहीं लेता है तो डॉक्टर्स एक अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे। हड़ताल के समय मरीजों को होने वाली परेशानियों के लिए स्वयं शासन जिम्मेदार रहेगा, क्योंकि  मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी शासन ने उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें