रायपुर जिले में संपत्ति के गाइडलाइन रेट को लेकर चल रही लंबी प्रतीक्षा अब समाप्त हो गई है। जिला प्रशासन ने जमीनों के नवीन गाइडलाइन मूल्य जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब पूरे शहर में दरें अद्यतन वार्ड परिसीमन के अनुसार लागू होंगी।
रायपुर जिले में संपत्ति के गाइडलाइन रेट को लेकर चल रही लंबी प्रतीक्षा अब समाप्त हो गई है। जिला प्रशासन ने जमीनों के नवीन गाइडलाइन मूल्य जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब पूरे शहर में दरें अद्यतन वार्ड परिसीमन के अनुसार लागू होंगी। वर्ष 2017-18 के बाद पहली बार किए गए इस बड़े पुनरीक्षण से संपत्ति खरीदारों और विक्रेताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
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पिछले कई वर्षों से नगर निगम रायपुर की वार्ड सीमाएं दो बार बदली गई थीं। पहले 2019 में और फिर 2024 में। लेकिन इन परिवर्तनों का प्रतिबिंब गाइडलाइन दरों में नहीं था। नतीजतन पुराने वार्डों के आधार पर तय दरें और वर्तमान परिसीमन के बीच भारी अंतर बना रहा, जिससे पंजीयन के लिए आने वाले लोगों को काफी उलझन का सामना करना पड़ता था। कई क्षेत्रों में गाइडलाइन में दर्ज वार्ड संख्या और वास्तविक वार्ड अलग-अलग दिखाई दे रहे थे, जिससे संपत्ति के सही मूल्य का आकलन करना मुश्किल हो गया था।
नए संशोधन के बाद अब नगर निगम क्षेत्र के सभी मोहल्लों और कॉलोनियों को उनके वर्तमान वार्ड के अनुसार व्यवस्थित कर दिया गया है। इससे न सिर्फ उनकी गाइडलाइन दरें स्पष्ट होंगी बल्कि रजिस्ट्री प्रक्रिया भी ज्यादा पारदर्शी और सरल बनेगी। प्रशासन का कहना है कि अद्यतन गाइडलाइन दरें जमीनों के बाजार मूल्य को अधिक सटीक रूप में दर्शाएंगी। नागरिकों के लिए अब यह समझना आसान होगा कि उनकी संपत्ति किस वार्ड में आती है और उस क्षेत्र की वास्तविक गाइडलाइन दर क्या है। इससे पंजीयन से जुड़े विवाद और भ्रम दोनों कम होंगे तथा बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी।