प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बीजापुर जिले में सड़क निर्माण कार्यों और भुगतान में भारी अनियमितताओं के सामने आने पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने इस मामले में संलिप्त चार अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता संबंधी गंभीर शिकायतों और करोड़ों रुपये के अधिक भुगतान के मामलों की जांच शुरू कर दी गई है। विभागीय जांच अधिकारी निलंबित कर्मियों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं। इसके साथ ही गड़बड़ी में शामिल ठेकेदारों से राशि की रिकवरी और उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया भी जारी है।
चार अधिकारियों पर गाज
निलंबित अधिकारियों में तत्कालीन कार्यपालन अभियंता सुरेश नागेश, उप विभागीय अधिकारी मुविष लहरे, सुरेश बांदे और सतानंद महिकवार शामिल हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत जिले में कराए गए विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, भुगतान प्रणाली और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन्हीं शिकायतों की प्रारंभिक पड़ताल और सामने आई अनियमितताओं के आधार पर विभाग ने यह कदम उठाया है।
ठेकेदारों से वसूली और कानूनी कार्रवाई
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता रूपेंद्र भूआर्य ने बताया कि अधिक राशि के भुगतान और सड़कों के निर्माण में अनियमितताओं के कारण चार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में मामले की गहन जांच जारी है और निलंबित अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान यदि कोई ठेकेदार इस गड़बड़ी में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी। विभाग संबंधित ठेकेदारों से अनुचित भुगतान की राशि वसूलने के साथ प्राथमिकी दर्ज कराने की वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर रहा है।
निर्माण रिकॉर्ड और जिम्मेदारी का निर्धारण
विभागीय जांच टीम सड़क निर्माण कार्य से जुड़े सभी दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, भुगतान फाइलों और तकनीकी मानकों की विस्तार से समीक्षा कर रही है। बीजापुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत होने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया में खामियों की शिकायतें समय-समय पर उजागर होती रही हैं। विभाग का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा कि इस अनियमितता में किस अधिकारी या कर्मचारी की कितनी जिम्मेदारी थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।