जशपुर में मयाली जलाशय में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया, जब छह लोगों से भरी एक मोटर बोट अचानक पलट गई। यह बोट खमगड़ा जलाशय से लाई गई थी। घटना के बाद वन प्रबंधन समिति ने मयाली जलाशय में बोटिंग सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी है।
जशपुर में मयाली जलाशय में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया, जब छह लोगों से भरी एक मोटर बोट अचानक पलट गई। यह बोट खमगड़ा जलाशय से लाई गई थी। घटना के बाद वन प्रबंधन समिति ने मयाली जलाशय में बोटिंग सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी है।
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कैसे हुआ हादसा?
घटना दोपहर करीब 3 बजे हुई। बोट में लोरो गांव की बालिका मोनिका केरकेट्टा समेत छह लोग सवार थे। जिसने बताया कि बोट ने जैसे ही जलाशय में प्रवेश किया और मोड़ लिया, तभी एक युवक सेल्फी लेने के लिए झुका, जिससे बोट का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। गनीमत रही कि सभी सवारियों ने लाइफ जैकेट पहनी हुई थी, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ।
SDRF जवानों की तत्परता ने बचाई जान
बोट पलटते ही SDRF के जवानों ने फौरन मोर्चा संभाला और कुछ ही सेकंड में मौके पर पहुंचकर सभी सवारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। बोट चालक राजू राम चौहान ने बताया कि वह पानी पीने गया था और SDRF के जवान को बोट संचालन की जिम्मेदारी दी थी। हादसे के दौरान SDRF जवान ने एक युवक को सेल्फी लेने से मना भी किया था, लेकिन उसके अचानक झुकने से संतुलन बिगड़ा और बोट पलट गई।
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प्रबंधन समिति ने लिया संज्ञान
वन प्रबंधन समिति खंडसा के अध्यक्ष चंदर सिंह ने बताया कि घटना के बाद मयाली जलाशय में बोटिंग को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। नगरसेना के कमांडेंट विजय किशोर ने कहा कि समिति के सख्त नियमों के चलते सभी सवारियों को लाइफ जैकेट पहननी पड़ी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
बड़ा सवाल: सुरक्षा इंतजाम और कड़े होंगे?
इस हादसे ने जलाशयों में बोटिंग की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बोट का संतुलन सही न होने और तेज रफ्तार के कारण ऐसे हादसे होने की संभावना बनी रहती है।युवाओं के द्वारा वाटर एडवेंचर के दौरान सेल्फी लेना बेहद जानलेवा हो सकता है।ऐसे में,अब वन प्रबंधन समिति व प्रशासन सुरक्षा मानकों को और कड़ा कर सकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।