होली के दौरान बिकी करोड़ों की शराब
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होली के त्योहार पर महासमुंद जिले में शराब प्रेमियों ने जमकर जाम छलकाई है। केवल चार दिनों में जिले के शराब प्रेमी 11 करोड़ 67 लाख 53 हजार 828 रुपये की शराब गटक गए। यह आंकड़ा 1 से 3 मार्च और 5 मार्च का है, जिसमें देशी-विदेशी मदिरा दुकानों में भारी बिक्री हुई।
आबकारी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, होली के पहले और बाद में शराब की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखा गया। इस दौरान अंग्रेजी और देशी शराब की जमकर बिक्री हुई है। इससे आबकारी विभाग के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। शराब प्रेमियों की यह शौक 1990 की फिल्म शिव राम के गाने "अंगूर की बेटी, मिले ना मिले" को चरितार्थ करती है।
होली से पहले शराब की बिक्री में वृद्धि होना एक सामान्य बात मानी जाती है। लोग होली के जश्न में रंगने से पहले थोड़ा 'रंग' अपने अंदर भी भर लेते हैं। इस अवधि में शराब की मांग बढ़ जाती है और लोग झूमते नजर आते हैं। यह प्रवृत्ति हर साल त्योहारों के समय देखी जाती है।
आबकारी विभाग के अनुसार, इस भारी बिक्री से विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2026 के जनवरी माह में 52 करोड़ 41 लाख रुपये की शराब बिक्री हुई थी। वहीं फरवरी माह में 48 करोड़ 26 लाख रुपये की शराब बिकी थी। होली के दौरान हुई बिक्री ने राजस्व को और अधिक बढ़ाया है। यह दर्शाता है कि त्योहारों पर शराब की खपत बढ़ जाती है।
होली का त्योहार मौज-मस्ती और जश्न का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान लोग अपने उत्साह को बढ़ाने के लिए शराब का सेवन करते हैं। यह एक सामाजिक प्रवृत्ति बन गई है कि उत्सवों में शराब की मांग बढ़ जाती है। महासमुंद जिले में भी यही प्रवृत्ति देखने को मिली है। शराब की बिक्री में यह उछाल इसी उत्सव के माहौल का परिणाम है।