महासमुंद में नशीली दवाओं और अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत महासमुंद पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स और बसना थाना पुलिस ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाए जा रहे 912.760 किलोग्राम (9 क्विंटल से अधिक) गांजे की एक बड़ी खेप बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस मादक पदार्थ की कीमत लगभग 4 करोड़ 56 लाख 38 हजार रुपये आंकी गई है।
महासमुंद ASP प्रतिभा पांडेय ने बताया कि, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि, ओडिशा की ओर से एक आईशर में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ ले जाया जा रहा है। पलसापाली बैरियर पर घेराबंदी कर जब वाहन को रोका गया, तो प्रथम दृष्टया उसमें केले लदे हुए मिले। हालांकि, सघन तलाशी लेने पर पुलिस के होश उड़ गए; केलों के नीचे बड़ी चालाकी से 29 बोरियों में गांजा छिपाकर रखा गया था।
फर्जी नंबर प्लेट से पुलिस को चकमा देने की कोशिश-पकड़ा गया आरोपी अब्दुल नईम (42 वर्ष), जो जमशेदपुर (झारखंड) का निवासी है, पुलिस को गुमराह करने के लिए हर संभव हथकंडा अपना रहा था। वाहन से ओडिशा और उत्तर प्रदेश के 4 फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद किए गए हैं। तस्करों की योजना अलग-अलग राज्यों की सीमाओं पर नंबर प्लेट बदलकर पुलिस की नजरों से बचने की थी। पुलिस ने इस कार्यवाही में कुल 4,66,45,000 रुपये की संपत्ति कुर्क की है जिसमें
मादक पदार्थ: 912.760 किग्रा गांजा (कीमत ₹4,56,38,000)
वाहन: आईशर प्रो 2059 (कीमत ₹10,00,000)
अन्य: 02 मोबाइल और 04 फर्जी नंबर प्लेट।
पिछले 3 महीनों का रिपोर्ट कार्ड: तस्करों में खौफ महासमुंद पुलिस कप्तान के निर्देशन में जिले में तस्करों के खिलाफ युद्धस्तर पर अभियान जारी है।
90 दिनों के आंकड़े पुलिस की मुस्तैदी बयां करते हैं
पुलिस ने पिछले 3 माह में अब तक 72 प्रकरणों में 5629.602 किलो (56 क्विंटल से अधिक) गांजा जब्त किया है। जिसमें 187 तस्कर (जिसमें 135 बाहरी राज्यों के हैं)। फिलहाल मामले में पकड़े गएआरोपी अब्दुल नईम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब तस्करी के 'फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज' (सोर्स और डेस्टिनेशन) की जांच कर रही है ताकि इस गिरोह की जड़ तक पहुंचा जा सके।