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छत्तीसगढ़: महासमुंद पुलिस ने खैर लकड़ी तस्करी का किया पर्दाफाश, 2.51 करोड़ जब्त

Fri, 16 Oct 2026 09:30 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महासुमंद

सार

छत्तीसगढ़ की महासमुंद पुलिस ने खैर लकड़ी की अंतरराज्यीय तस्करी और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में अब तक 2.51 करोड़ रुपये नकद और 70 टन लकड़ी जब्त की गई। हिमाचल प्रदेश से सतपाल सिंह गिरफ्तार हुआ है। पुलिस अन्य आरोपियों और नेटवर्क की जांच कर रही है।
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ढाई करोड़ की नकदी जब्त की गई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महासमुंद पुलिस ने खैर लकड़ी की अवैध तस्करी, फर्जी एनओसी और बिलिंग से जुड़े एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान 1 करोड़ 70 लाख रुपये नकद और अवैध खैर लकड़ी जब्त की गई।
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इससे पहले सरसीवा में मनीष अग्रवाल के घर से 81 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। अब तक कुल 2 करोड़ 51 लाख रुपये नकद और 70 टन खैर लकड़ी जब्त की जा चुकी है। पुलिस अधीक्षक ने प्रेस वार्ता में कार्रवाई की जानकारी दी। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से शिव ट्रेडर्स के संचालक सतपाल सिंह को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लेकर आई है। आरोपी को न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में दबिश के दौरान 1.70 करोड़ रुपये की नकदी जब्त हुई। यह नकदी तस्करी से अर्जित होने की आशंका है। हरियाणा के गुरुग्राम जिले के बहोड़ा कलां स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग के गोदाम से करीब 15 टन खैर लकड़ी बरामद हुई। ओडिशा, मध्य प्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में कुल 70 टन लकड़ी जब्त की गई है।

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फर्जीवाड़े का तरीका
जांच में सामने आया कि सिंडिकेट से जुड़ी फर्मों के माध्यम से फर्जी बिल तैयार किए जाते थे। यह सब वास्तविक माल की आपूर्ति किए बिना होता था। इसके बाद वन विभाग के कथित फर्जी ट्रांजिट पास का उपयोग किया जाता था। इसका उद्देश्य लकड़ी के परिवहन को वैध दिखाना था।
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गिरफ्तारियां और आगे की जांच
इस मामले में पुलिस पहले ही मनीष अग्रवाल, पारितोष मिश्रा और अखिलेश सिंघल को गिरफ्तार कर चुकी है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। फर्जी दस्तावेज और अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति के संबंध में भी जांच की जा रही है।
 
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