सरगुजा की सीटों पर नजर
इस बार हो रहे विधानसभा चुनाव में सबकी नजर सरगुजा क्षेत्र की सीटों पर है। क्षेत्र की प्रतिष्ठित अंबिकापुर सीट से कांग्रेस विधायक दल के नेता टीएस सिंहदेव चुनाव मैदान में हैं। उनके खिलाफ भाजपा के युवा नेता अनुराग सिंहदेव हैं। क्षेत्र की बैकुंठपुर विधानसभा सीट से राज्य के खेल मंत्री भैया लाल राजवाड़े के खिलाफ पूर्व वित्त मंत्री रामचंद्र सिंहदेव की भतीजी अंबिका सिंहदेव चुनाव मैदान में है। वहीं प्रतापपुर से गृह मंत्री रामसेवक पैकरा के खिलाफ कांग्रेस के पूर्व मंत्री प्रेमसाय टेकाम ताल ठोंक रहे हैं। क्षेत्र की पत्थलगांव विधानसभा सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रामपुकार सिंह के खिलाफ भाजपा के विधायक शिवशंकर पैकरा चुनाव मैदान में हैं।
धर्मांतरण भी बड़ा मुद्दा
सरगुजा क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है और यहां उरांव जनजाति की बहुलता है। इस क्षेत्र के जशपुर जिले के कुनकुरी में एशिया का सबसे बड़ा गिरजाघर है और यह क्षेत्र इसाई मिशनरी का प्रभाव वाला क्षेत्र है। राज्य के वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक जानकार रमेश नैयर कहते हैं कि इस क्षेत्र में जंगली हाथी की समस्या प्रमुख मुद्दों में से है। वहीं ईसाई मिशनरी के प्रभाव वाला क्षेत्र होने के कारण यहां धर्मांतरण भी एक मुद्दा है। इस क्षेत्र में ही कुमार दिलीप सिंह जूदेव ने घर वापसी अभियान चलाया था।
नैयर कहते हैं कि यह दोनों मुद्दे पहले भी असर डालते रहे हैं, इस बार भी डालेंगे। सरगुजा क्षेत्र में जीत हासिल करने को लेकर राज्य की सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस के अपने अपने दावे हैं। भाजपा के प्रदेश महामंत्री संतोष पांडेय कहते हैं कि राज्य में रमन सिंह की सरकार ने इस क्षेत्र में लगातार विकास के काम किए और यहां की प्रमुख समस्याओं को दूर करने के लिए गंभीर प्रयास किया गया। पार्टी को उम्मीद है कि इस क्षेत्र के मतदाताओं का आशीर्वाद एक बार फिर भाजपा को मिलेगा।
वहीं कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी कहते हैं कि राज्य के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में भाजपा अपना जनाधार खो रही है। उन्होंने दावा किया कि इस बार के चुनाव में कांग्रेस को क्षेत्र की 10 सीटों पर जीत मिलेगी। छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा। 11 दिसंबर को मतों की गिनती होगी।