फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दंतेवाड़ा: खुफिया सूचना मिलने के बाद भी नक्सली हमला, कल वोटिंग के लिए 90 हजार जवान तैनात

Wed, 10 Apr 2019 02:13 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
विज्ञापन
सीआरपीएफ (फाइल फोटो)
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ के बस्तर संसदीय क्षेत्र के दंतेवाड़ा में हमले की खुफिया सूचना होने के बावजूद हुए भाजपा के विधायक भीमा मंडावी के काफिले को नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट में उड़ा दिया। धमाका इतना जोरदार था कि विधायक की बुलेटप्रूफ गाड़ी तीन टुकड़ों में बंट गई। इसमें विधायक, ड्राइवर सहित चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। बस्तर लोकसभा की 12 विधानसभा सीटों में मंडावी इकलौते भाजपा विधायक थे।

मतदान के लिए 90 हजार जवान तैनात

गुरुवार को बस्तर लोकसभा सीट पर मतदान होना है। यहां 14 लाख मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे। दंतेवाड़ा भी बस्तर लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है। इसके लिए संसदीय क्षेत्र में 90 हजार जवानों की तैनाती की गई है। 
विज्ञापन


चुनाव की घोषणा होने के बाद से ही यह अनुमान जताया जा रहा था कि नक्सली हमला करने की ताक में बैठे हैं। लोकसभा चुनाव के लिए सुरक्षाबलों की 350 कंपनियां तैनात हैं। इससे पहले विधानसभा चुनाव में यहां सुरक्षाबलों की 500 कंपनियां तैनात थीं।

भाजपा ने चुनाव आयोग से की मतदान रद्द करने की मांग

नेता प्रतिपक्ष धर्मलाल कौशिक ने चुनाव आयोग से बस्तर संसदीय क्षेत्र में मतदान रद्द करने की मांग की है। बताया जा रहा है कि विधायक भीमा मंडावी बस्तर संसदीय क्षेत्र में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन  बचेली में सभा करने के बाद नकुलनार की ओर आ रहे थे। जहां से तीन किलोमीटर पहले ही नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया।
 
विज्ञापन

पुलिस का दावा- विधायक मंडावी को फोन कर दी गई थी हमला होने की चेतावनी

नक्सली हमला - फोटो : self

छत्तीसगढ़ के डीजीपी डीएम अवस्थी ने दावा किया कि बचेली के टीआई ने भाजपा विधायक मंडावी को फोन कर इस रास्ते से नहीं जाने का अनुरोध किया था। उनके साथ डीआरजी के 50 जवानों का काफिला भी था जिसे विधायक ने सभा होने के बाद वापस भेज दिया था।

2013 में सुकमा में नक्सलियों ने 29 कांग्रेस नेताओं की हत्या की थी 

25 मई 2013 को विधानसभा चुनाव के दौरान सुकमा जिले में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर भी नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था। उस हमले में महेंद्र कर्मा, विद्याचरण शुक्ल समेत 29 कांग्रेस नेताओं की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें