छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
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छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के मामलों में रोजाना बढ़ोतरी हो रही है और इसका खतरा अभी भी बरकरार है। इसी को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने राजधानी रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग समेत अन्य शहरी इलाकों में लॉकडाउन छह अगस्त तक बढ़ाने का फैसला किया है।
राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को यहां बताया कि राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिए हॉटस्पॉट क्षेत्रों में लॉकडाउन की अवधि को अब छह अगस्त तक के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। जिलों में कोरोना संक्रमण वाले इलाकों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन के संबंध में निर्णय लेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय में उच्च स्तरीय बैठक में राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर गहन विचार विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया। इस अवसर पर मंत्रि परिषद के सदस्य भी उपस्थित थे।
बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए राज्य के कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में जहां कारोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है, उसकी रोकथाम को ध्यान में रखते हुए सरकार ने लॉकडाउन की अवधि को 28 जुलाई से बढ़ाकर छह अगस्त तक करने का निर्णय लिया है। जिन इलाकों में संक्रमण की स्थिति अधिक है वहां लॉकडाउन के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
चौबे ने बताया कि उच्च स्तरीय बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम और उपचार के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ ही अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज के लिए बिस्तरों की संख्या बढ़ाने, लैब तकनीशियन, एएनएम तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की पूर्ति जिला खनिज निधि न्यास मद से करने का निर्देश जिलाधिकारियों को दिया गया है।
मंत्री ने बताया कि उच्च स्तरीय बैठक में राज्य में खरीफ फसलों की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए आवश्यकता और जलाशयों में पानी उपलब्धता को देखते हुए 28 जुलाई से ही जलाशयों से पानी छोड़ने का भी निर्णय लिया गया।