एक तरफ जहां शराबबंदी की बात की जा रही है, वहीं छत्तीसगढ़ में शराब परोसने की ट्रेनिंग दी जा रही है। स्किल डेवलपमेंट के नाम पर छत्तीसगढ़ में शराब परोसने की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह ट्रेनिंग राज्य के आदिवासी लड़कियों को दी जा रही है। इससे यही पता चलता है कि रमन सरकार राज्य में शराब को लेकर कितना सतर्क है। बताया जा रहा है कि आदिवासी लड़कियों को शराब परोसने की ट्रेनिंग इसलिए दी जा रही है कि वो बार और होटलों में शराब परोस सके। जिससे लड़कियों को दूसरे राज्यों में रोजगार मिलने में आसानी होगी।
जानकारी के मुताबिक धमतरी के पेस हॉस्पिटैलिटी ट्रेनिंग सेंटर में फूड एंड बेवरेज कोर्स में कुछ आदिवासी लड़कियों को इसकी ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके लिए शैक्षिक योग्यता 5वीं पास है और उम्र 14 साल रखा गया है। कहा जाता है कि इस कोर्स को करने से नौकरी जल्दी मिल जाती है। इस कोर्स में ज्यादातर लड़कियां आदिवासी परिवार से हैं जिन्हें नौकरी की सख्त जरुरत है।
वहीं, इस संबंध में जब कौशल विकास प्राधिकरण के मुखिया केसी देवसेनापति से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कई सारे कोर्स चल रहे है। लेकिन इसमें शराब परोसने की ट्रेनिंग शामिल है या नहीं इसके बारे में मुझे नहीं पता।