छत्तीसगढ़ में शराब की नई मूल्य सूची लागू होने के बाद बाजार में अलग-अलग वर्ग के उपभोक्ताओं पर इसका असर दिखने लगा है। आबकारी विभाग के फैसले के तहत जहां प्रीमियम और इम्पोर्टेड शराब की कीमतों में राहत दी गई है, वहीं बीयर और कुछ मिड-रेंज ब्रांड्स के दाम बढ़ा दिए गए हैं।
विज्ञापन
नई दरों के अनुसार महंगी विदेशी शराब के दामों में करीब एक हजार रुपये तक की कटौती की गई है। इससे हाई-एंड सेगमेंट के ग्राहकों को सीधा फायदा मिलेगा और बाजार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ने की उम्मीद है। जानकारों का मानना है कि इस फैसले से प्रीमियम ब्रांड्स की बिक्री में तेजी आ सकती है।
इसके उलट बीयर और मध्यम श्रेणी की कई लोकप्रिय शराब ब्रांड्स महंगी हो गई हैं। इससे आम उपभोक्ताओं को पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। खास बात यह है कि देशी शराब की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह पहले की दरों पर ही उपलब्ध रहेगी, जिससे निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं को राहत मिली है।
विज्ञापन
नई कीमतों में कई प्रमुख ब्रांड्स के रेट बढ़े हैं। जैसे 750 एमएल की बोतल में आइकॉन प्रीमियम व्हिस्की, ऑफिसर्स चॉइस प्रेस्टिज, मैकडॉवेल्स नं. 1, रॉयल स्टैग और ब्लेंडर्स प्राइड जैसी ब्रांड्स के दाम बढ़े हैं। वहीं जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल जैसे हाई-एंड ब्रांड की कीमत भी पहले से अधिक हो गई है। बीयर श्रेणी में किंगफिशर स्ट्रॉन्ग, बडवाइजर मैग्नम, हेवर्ड्स 5000 और कोरोना जैसी ब्रांड्स के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा वाइन और रेडी-टू-ड्रिंक सेगमेंट में सुला ब्रूट और बकार्डी ब्रीजर भी महंगे हो गए हैं।