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कातिल पत्नी की कहानी: बेटे के साथ मिलकर की पति की हत्या, लाश को ऑटो पर रखकर निकली पिकनिक मनाने; ऐसे हुआ खुलासा

Fri, 08 Nov 2024 05:38 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

सार

कोरबा में एक महिला ने अपने बेटे के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए ऑटो पर पिकनिक मनाने के लिए गई। अब इस मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है।
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मृतक और आरोपी पत्नी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गला दबाकर पति की हत्या कर पुत्र के साथ मिलकर लाश को ठिकाना लगाने के मामले में आरोपी पत्नी को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत खपराभट्ठा बस्ती का है। 2018-19 में घटना सामने आई थी। 33 वर्षीय सुशीला निषाद ने अपने पति विमल वाल्मीकि उर्फ सूर्या की गुमशुदा होने की शिकायत सिविल लाइन थाना पुलिस से की थी। 

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काफी खोजबीन के बाद भी सूर्य का पता नहीं चल सका था। इसके बाद बालको थाना क्षेत्र अंतर्गत कॉफी प्वाइंट मे नर कंकाल मिला था। घटनास्थल से एक चूड़ा मिलने पर उसकी पहचान विमल वाल्मीकि उर्फ सूर्या के रूप में की गई। पहचान करवाई होने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और सुशीला निषाद और उसके बेटे से पूछताछ शुरू की। नर कंकाल का डीएनए किया गया। रिपोर्ट में नर कंकाल विमल वाल्मीकि का होना पाया गया। घटनाक्रम सामने आया कि विमल वाल्मीकि की हत्या कर उसे की कॉफी प्वाइंट में फेंका गया था। इस घटना को अंजाम किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी और बच्चे ने दिया था।

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब हत्या करने के बाद लाश को जिस ऑटो में लेकर गए थे, उसके ऑटो चालक ने पुलिस को घटनाक्रम बताया। आरोपी सुशीला निषाद और उसके पति विमल वाल्मीकि के बीच आपसी विवाद हो गया था। पत्नी ने पति का गला घोट कर मौत के घाट उतारा। इसके बाद रात भर बिताने के बाद सुबह पिकनिक जाने के बहाने एक ऑटो बुक किया। लाश को चटाई से ढककर ऑटो में लेकर पिकनिक जाने के बहाने कॉफी प्वाइंट निकले। इस दौरान ऑटो चालक को शौच करने के बहाने गुमराह किया गया और लाश को कॉफी प्वाइंट के पास झाड़ियां में मां और बेटे फेंक दिया। 
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इस दौरान ऑटो चालक की नजर मां और बेटे पर पड़ी जानकारी होने के बाद मां और बेटे ऑटो चालक को भी जान से करने और किसी मामले में फंसा देने की धमकी देते रहे। अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक कृष्ण द्विवेदी ने बताया कि शासकीय माननीय न्यायालय पीठासीन न्यायाधीश श्रीमती गरिमा शर्मा के कोर्ट में इस मामले का सनी किया गया, जहां आरोपी सुषमा निषाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

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