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Raipur News: पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद, पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाने के मामले में अदालत का फैसला

Wed, 01 Jul 2026 03:04 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

अदालत ने पत्नी की निर्मम हत्या के मामले में दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। चतुर्दश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जितेंद्र प्रधान की अदालत ने आरोपी खेमराज महेश्वरी को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद के साथ 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी रायपुर की अदालत ने पत्नी की निर्मम हत्या के मामले में दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। चतुर्दश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जितेंद्र प्रधान की अदालत ने आरोपी खेमराज महेश्वरी को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद के साथ 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उसे छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
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अभियोजन के अनुसार, घटना 17 जनवरी 2024 को तेलीबांधा थाना क्षेत्र के लाभांडी इलाके में हुई थी। घरेलू विवाद के दौरान आरोपी और उसकी पत्नी अमरिका महेश्वरी के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पत्नी को मायके जाने के लिए कहा, लेकिन मना करने पर वह गुस्से में घर से निकल गया।

कुछ समय बाद वह पेट्रोल से भरी बोतल लेकर वापस लौटा और पत्नी के ऊपर पेट्रोल उड़ेलकर लाइटर से आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के समय दंपति के दोनों बच्चे भी घर में मौजूद थे और उन्होंने पूरी वारदात अपनी आंखों से देखी।
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मृतका की मां की शिकायत पर पुलिस ने पहले हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। बाद में पीड़िता की मौत होने पर प्रकरण में हत्या की धारा जोड़ दी गई और जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया गया।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी के पहले अपराध होने का हवाला देते हुए सजा में रियायत की मांग की, लेकिन अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि पत्नी पर पेट्रोल डालकर आग लगाना अत्यंत क्रूर और गंभीर अपराध है, इसलिए ऐसे मामले में नरमी की कोई गुंजाइश नहीं है।

अदालत ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि मामला मृत्युदंड की श्रेणी में नहीं आता, लेकिन अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोषी को आजीवन कारावास की सजा देना उचित है। साथ ही आदेश में उल्लेख किया गया कि आरोपी 19 जनवरी 2024 से न्यायिक हिरासत में है और अब तक जेल में बिताई गई अवधि को कानून के प्रावधानों के अनुसार उसकी सजा में समायोजित किया जाएगा।
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