बस्तर पुलिस ने शहर के तमाम मकान मालिकों को अपने यहां रखने वाले किरायेदारों की सूची देने की बात कही थी। इसके बाद मकान मालिकों द्वारा अपने क्षेत्र के थाना में जाकर किरायेदारों की जानकारी दी जा रही है।
बताया जा रहा है उप पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह मीणा ने बस्तर जिले में रहने वाले स्थानीय लोगों से अपील की थी कि बस्तर पुलिस के द्वारा जारी किये गये मकान किरायेदार फार्म को सही ढंग से भरकर अपने क्षेत्र के थाने में जमा करें। पुलिस के निर्देश के बाद 1508 मकान मालिकों ने किरायेदारों का नाम, पता, स्थाई पता व उनका आधार कार्ड सहित परिवार के सभी सदस्यों के नाम आदि की जानकारी भरकर संबंधित थाने में जमा की है।
क्यों है आवश्यक किरायेदारों का सत्यापन?
पुलिस का कहना है कि आपके यहां रहने वाला दूसरे राज्य या जिले के किरायेदार अपराधी हो सकता है। हो सकता है वह आपके यहां अपराध करने के बाद छुपने आया हो, उसके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट भी हो सकता है। हो सकता है किरायेदार भविष्य में आपके आसपास कोई जघन्य अपराध कर किसी दूसरे के यहां शरण ले। इसीलिए किरायेदारों के बारे जानकारी मांगी गई है, ताकि पुलिस आसानी से अपराधी तक पहुंच सके।