कोरबा में मौसम का मिजाज बदलते ही कोरबा जिले में सर्पदंश की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बारिश के बाद निकले जहरीले सांपों के काटने से लोगों की जान जा रही है। शनिवार को पसान गांव में सर्पदंश से एक 38 वर्षीय महिला की मौत हो गई, वहीं दूसरी घटना सिविल लाइन थाना में सामने आई, जहां प्रभारी के चेंबर में सांप कुंडली मारे बैठा मिला। दोनों घटनाओं ने लोगों में दहशत फैला दी है।
पसान गांव निवासी 38 वर्षीय भीमकुंवर शनिवार सुबह घर में साफ-सफाई कर रही थीं। इसी दौरान जमीन में छिपे जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। सांप के काटने से चीख सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और सांप को मार दिया। पति चैन सिंह गोड ने बताया कि सांप काटने के बाद पत्नी को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा रेफर कर दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान भीमकुंवर ने दम तोड़ दिया।
चैन सिंह खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके दो बेटियां हैं। उन्होंने बताया कि सांप को मार दिया गया ताकि वह दोबारा किसी और को नुकसान न पहुंचा सके। भीमकुंवर की मौत से परिवार में कोहराम मचा है और गांव में मातम का माहौल है।
उधर, दूसरी घटना सिविल लाइन थाना में हुई। यहां थाना प्रभारी आस्था वर्मा के चेंबर में एक सांप कुंडली मारकर बैठा हुआ था। सांप को देखते ही थाने में हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मियों ने तुरंत स्नेक कैचर टीम को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी मौके पर पहुंचे और सांप को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया। स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने बताया कि मौसम बदलने के कारण सांप बिलों से बाहर निकल रहे हैं। खेत, घर और सरकारी कार्यालयों में भी उनके निकलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बरसात के बाद घर की साफ-सफाई करते समय सावधानी रखें। झाड़ियों, अंधेरे कोनों और गड्ढों में हाथ डालने से पहले लाठी से चेक कर लें। सांप दिखने पर उसे खुद मारने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें।
डॉक्टरों का कहना है कि सर्पदंश के बाद मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। घरेलू उपचार या झाड़-फूंक से समय बर्बाद न करें, वरना जान का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
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