कोरबा के कटघोरा वनमंडल में हाथियों की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। जिसके कारण वन विभाग के साथ ही ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जंगली हाथियों का दल एक बार फिर से जंगल से निकलकर कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गया। करीब 45 हाथी ग्राम चोड़धवा के पास पहुंच गए। जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब आधे घंटे तक अवागमन बाधित रहा।
कोरबा जिले के कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम चोड़धवा के पास वाहनों के पहिए उस वक्त थम गए जब जंगल से निकलकर हाथियों का दल बीच सड़क पर पहुंच गया। हाथियों को देखते ही वाहन अपने आप रुक गए और करीब आधे घंटे तक मार्ग पूरी तरह से जाम रहा। 45 हाथियों केदल में कई बेबी एलिफेंट भी मौजूद थे। इस कारण लोगों ने किसी तरह का रिस्क नहीं लिया। वाहन जहां तहां फंसे रहे। मुख्य मार्ग पर हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही वल विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिती को अपने नियंत्रण में लिया। हाथियों के जंगल जाते ही फिर से मार्ग पर यातायात व्यवस्था बहाल हो सका।
नेशनल हाईवे पर हाथियों का आना कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी हाथी कई बार नेशनल हाईवे पर आ चुके हैं। जिसके चलते आवाज आए काफी समय तक बाधित रही।
कटघोरा डीएफओ कुमार निशांत ने बताया कि हाथियों का दल पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं। लगातार हाथियों पर नजर रखी जा रही है। सूचना मिलते ही रेंजर समेत वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और आवाज ही कर रहे लोगों को रोका गया। जहां रिस्क कर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा गया।