कोरबा में एसईसीएल की मानिकपुर खदान की एक ठेका कंपनी कालिंगा के मैनेजर और स्टाफ के साथ कंपनी के ही चालकों के मध्य विवाद हो गया। इस बीच तनाव की स्थिति निर्मित हो गई और दोनों गुट अपने शिकायत करने मानिकपुर चौकी पहुंचे। बताया जा रहा है कि खदान में मोहंती और उनके बाउंसर के द्वारा स्थापित के साथ मारपीट की गई वह स्थापित करने भी अपने बचाव में उनके साथ मारपीट किया दोनों के बीच मारपीट के बाद मानिकपुर चौकी पहुंचे और दोनों एक दूसरे पर शिकायत दर्ज कराया।
वहीं मानिकपुर secl मानिकपुर खदान से प्रभावित सात गांव के ग्रामीण मानिकपुर चौकी पहुंचे और मोहंती के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग को लेकर और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की मांग खुली कल चौकी के बाहर भूस्थापित बैठ गए। पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उनको समझाइए तब जाकर वह प्रदर्शन से उठे।
ग्रामीणों का कहना है कि कलिंगा कंपनी में काम करने वाले मोहती के खिलाफ इससे पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती इसी को देखते हुए उसका मनोबल बढ़ा हुआ है और इस बार फिर से मारपीट करते हुए जातिगत गाली गलौज का आरोप लगाया है।
ग्रामीण अमन पटेल ने बताया कि मोहंती के द्वारा ट्रांसफर रोकने और करने के नाम पर पैसे की मांग की जाती है उसके खिलाफ कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। कंपनी के चालकों का कहना है कि वह सब आसपास के ही निवासी हैं। कंपनी उनका तबादला तालचर उड़ीसा करना चाहती है इसी बात को लेकर कहा सुनी शुरू हुई ।तब कंपनी के गार्ड और बाउंसरों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। दोनों पक्ष एक दूसरे के ऊपर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी मानिकपुर चौकी पहुंचे वही पुलिस बल मौके पर तैनात किए गए कोरबा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के अलावा कोरबा सीसी और पुलिसकर्मी मोर्चा संभालाआंदोलन कर रहे लोगों की मांग है कि चक्रधर मोहंती के खिलाफ इससे पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन उसके बावजूद भी आज तक किसी तरह की कार्यवाही नहीं की गई है इस बार भी फिर से उसके द्वारा कर्मचारियों के साथ मारपीट और जातिगत गाली गलौज करते हुए धमकी दी गई। कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने बताया कि मारपीट की शिकायत मिलने के बाद विधिवत कार्यवाही की जाएगी। वही इस घटना के बाद खदान में तनाव की स्थिति है खदान में पुलिस बल तैनात किए गए।वही ग्रामीणों के द्वारा बैठक कर मोहंती के खिलाफ मोर्चा खुलने की बात कही जा रही है कार्रवाई नहीं होने पर खदान बंद करने की चेतावनी दी गई है।