करतला वन मंडल के पीडिया गांव में शुक्रवार दोपहर भालुओं ने हमला किया। तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गए दो लोग इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने किसी तरह भालुओं को खदेड़कर उनकी जान बचाई।
घायलों में 45 वर्षीय कन्हैयालाल राठिया और 15 साल की किरण शामिल हैं। उन्हें ग्रामीणों की मदद से निजी वाहन से जिला मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
कन्हैयालाल ने बताया कि दो बड़े भालुओं ने पहले उन पर हमला किया। उनके चिल्लाने पर एक भालू भागा, फिर दूसरे भालू ने किरण पर हमला कर दिया। आसपास तेंदूपत्ता एकत्रित कर रहे ग्रामीण आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे।
उन्होंने भालुओं को जंगल की ओर खदेड़ा, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। कन्हैयालाल के अनुसार, तेंदूपत्ता तोड़ने का यह दूसरा दिन था जब यह घटना हुई। भालू के हमले के बाद सरकारी एंबुलेंस देर से पहुंची, इसलिए पहले निजी वाहन का उपयोग किया गया। बाद में सरकारी एंबुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल लाया गया।
वन विभाग ने किया आर्थिक सहायता का एलान
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने घटनाक्रम की जानकारी ली और घायलों का हालचाल जाना। वन विभाग ने तत्काल दोनों घायलों को 500 रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की। यह सहायता घायलों के शुरुआती उपचार में मददगार साबित हुई।
घटना से गाव में दहशत
इस घटना से पीडिया गांव और आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने जाने वाले लोग अब अधिक सतर्कता बरत रहे हैं। भालुओं के लगातार हमले क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष को दर्शाते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।