गेवरा-दीपका नेहरू शताब्दी चिकित्सालय गेवरा में रविवार को ड्यूटी को लेकर कर्मचारियों ने काम बंद कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अस्पताल प्रबंधन पर संडे ड्यूटी लगाने में भेदभाव का आरोप लगाया है। नाराज स्टाफ का कहना है कि कार्यालय अधीक्षक एन के दिवेदी चुनिंदा कर्मचारियों को ही संडे ड्यूटी का लाभ दे रहे हैं, जबकि बाकी को इससे वंचित रखा जा रहा है।
कर्मचारियों ने बताया कि संडे ड्यूटी में कटौती कर दी गई है। एनसीएच केंद्रीय अस्पताल में गेवरा, दीपका, कुसमुंडा, बांकीमोंगरा, देलवाड़ीह और कोरबा से रोज लगभग 300 मरीज ओपीडी में इलाज कराने पहुंचते हैं। ऐसे में सभी कर्मचारियों को समान रूप से ड्यूटी मिलनी चाहिए। स्टाफ ने मांग की कि या तो सभी को संडे ड्यूटी दी जाए या किसी को भी न दी जाए। साथ ही कार्यालय अधीक्षक के खिलाफ जांच की मांग भी की गई है।
विरोध की सूचना पर गेवरा क्षेत्र की कार्मिक प्रबंधक सुधा शिंदे अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने कर्मचारियों को रोस्टर के अनुसार काम करने और कर्तव्यनिष्ठा से दायित्व निभाने की समझाइश दी। शिंदे ने कहा कि अन्य एरिया में भी संडे ड्यूटी नहीं दी जा रही है। इस दौरान प्रभारी सीएमओ डॉ. अनिल कुमार, ऑफिस स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।
वहीं सीएमएस डॉ. विजयलक्ष्मी धान ने स्पष्ट किया कि उच्च प्रबंधन के निर्देश पर रविवार की ओपीडी सेवा बंद करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि इनडोर वार्ड पहले की तरह संचालित रहेंगे। इसी कारण कुछ कार्यालय के कर्मचारियों की संडे ड्यूटी नहीं लगाई गई। उन्होंने माना कि पहले सभी कर्मचारियों को संडे ड्यूटी का लाभ मिल रहा था।
कोयला मजदूर सभा एचएमएस के सचिव रविंद्र स्वर्णकार ने कहा कि पिछले 30 साल में पहली बार कर्मचारियों को संडे ड्यूटी के लाभ से वंचित किया गया है। सभी यूनियन मेडिकल और ऑफिस स्टाफ को ड्यूटी देने के पक्ष में थे। कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं।
इधर, कार्यालय अधीक्षक एनके द्विवेदी ने सफाई दी कि वे सीएमएस के निर्देश पर ही रोस्टर ड्यूटी लगा रहे हैं। इसमें उनकी कोई व्यक्तिगत भूमिका नहीं है। वे केवल वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन कर रहे हैं और इसकी जानकारी पहले ही स्टाफ को दे दी गई थी। संडे ओपीडी बंद होने से मरीजों को परेशानी हो सकती है। कर्मचारी और प्रबंधन के बीच विवाद से अस्पताल का नियमित कामकाज भी प्रभावित हुआ है।
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