कोरबा।झमाझम बारिश के बीच जिले में करंट लगने से दो अलग-अलग हादसों में 12 साल और 6 साल के दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। दोनों घटनाओं से इलाके में हड़कंप मच गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
ग्राम जपेली निवासी 12 वर्षीय शिवम महंत घर पर मोबाइल देख रहा था। बैटरी कम होने पर वह मोबाइल चार्ज में लगाने जा रहा था। इसी दौरान घर के दरवाजे से गुजरा कटा हुआ विद्युत तार दरवाजे पर करंट छोड़ रहा था। शिवम जैसे ही दरवाजे के पास पहुंचा, वह करंट की चपेट में आ गया और वहीं गिर पड़ा। परिजन तत्काल उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक शिवम पढ़ाई कर रहा था। हादसे के बाद घर में मातम पसर गया।
दूसरी घटना सीएसईबी चौकी अंतर्गत पंप हाउस की है। यहां 6 वर्षीय ज्योति पांडे अपने घर के बाहर खेल रहा था। बताया जा रहा है कि घर के बाहर लकड़ी के बांस से विद्युत तार बांधकर पड़ोसी ने कनेक्शन लिया हुआ था। बारिश के कारण बांस गिर गया और तार टूटकर नीचे आ गया। खेलते समय मासूम तार की चपेट में आ गया और जोर-जोर से चीखने-छटपटाने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े और उसे अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
लगातार हो रही बारिश में इस तरह के हादसों से लोग दहशत में हैं।
बारिश के मौसम में करंट से होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी बिलासपुर क्षेत्र ने आम नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। कंपनी ने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
नागरिकों से अपील की गई है कि बिजली के खंभों, एचटी लाइनों, ट्रांसफार्मरों और टूटे तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। आंधी-तूफान में क्षतिग्रस्त खंभे या तार दिखें तो तुरंत टोल-फ्री नंबर 1912, मोर बिजली ऐप या निकटतम वितरण केंद्र में सूचना दें।
कंपनी ने कहा कि बारिश से पहले सभी फीडर, ट्रांसफार्मर और लाइनों का निरीक्षण कर लिया गया है, लेकिन नागरिकों की सतर्कता जरूरी है। घरों और खेतों में केवल गुणवत्तापूर्ण विद्युत उपकरणों का उपयोग करें। खेत या बाड़ी की बाड़ में बिजली प्रवाहित करना अवैध है और इसके लिए कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
प्रशासन और विद्युत विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और बच्चों को खुले तारों से दूर रखने की अपील की है।