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कोरबा: दो सिर वाले बछड़े का हुआ जन्म, लोग करने लगे पूजा-अर्चना, मवेशी मालिक के घर लगी भीड़

Tue, 25 Nov 2025 08:00 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

सार

कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र अंतर्गत विकास नगर आईबीपी बस्ती में रहने वाले भगवान दास के यहां आज मंगलवार की शाम गाय ने दो सिर वाले बछड़े को जन्म दिया। इसकी सूचना के आसपास के बस्तीवासी एकत्र हो गए भगवान का चमत्कार मान कर हाथ जोड़ आशीर्वाद लेने लगे।
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दो सिर वाले बछड़ा - फोटो : दो सिर वाले बछड़ा
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कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र अंतर्गत विकास नगर आईबीपी बस्ती में रहने वाले भगवान दास के यहां आज मंगलवार की शाम गाय ने दो सिर वाले बछड़े को जन्म दिया। इसकी सूचना के आसपास के बस्तीवासी एकत्र हो गए भगवान का चमत्कार मान कर हाथ जोड़ आशीर्वाद लेने लगे। हालांकि बछड़ा जन्म के थोड़ी देर बाद मर गया। इस मामले के जानकर बताते है कि दो सिर वाले बछड़े के जन्म का मुख्य कारण पॉलीसेफली (Polycephaly) नामक एक दुर्लभ जैविक स्थिति है, जो गर्भावस्था की शुरुआत में भ्रूण के पूरी तरह से अलग न होने के कारण होती है। इसका मतलब है कि सामान्य रूप से जुड़वां भ्रूणों के निर्माण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती है और वे एक ही शरीर के साथ विकसित होते हैं। यह एक आनुवंशिक असामान्यता या विकास संबंधी विसंगति हो सकती है।

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मवेशी मालिक भगवान दास ने बताया कि गाय का पेट देखकर लग रहा था कि गाय एक दो दिन में बच्चा देने वाली है लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि आज ही हो जाएगा गाय पर नजर रखे हुए थे जिसे खूंटी में बांधकर चारा पानी दिया जा रहा था अचानक से नजर पड़ने पर दिखा की गाय ने बच्चे को जन्म दे दिया था और नीचे गिरी हुई थी आश्चर्यया तब हुआ जब गाय के दो सिर दिखे गाय का बच्चा जिंदा था गाय बच्चा देते समय गिरने से बच्चों को चोट लगा और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।

दो सर वाले इस बछड़े को देखने के लिए बस्ती वासियों की भीड़ एकत्रित होने लगी और सब अलग-अलग रूपों में देख रहे थे कई लोगों ने कहा कि केवल सुनने को मिलता था लेकिन आज देख के लिए वहीं कई लोगों की माने तो दो सर वाले बछड़े कृष्ण जी का रूप होते हैं और यह मानकर पूजा पाठ करने लगे। बछड़े की मौत के बाद मवेशी मलिक ने पूजा पाठ कर बछड़े का अंतिम संस्कार किया।

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