बरपाली विद्युत वितरण केंद्र के तुमान फीडर में 28 जून शाम 4 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित है। 17 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इससे सलिहाभांठा सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोग भीषण गर्मी में रात भर रतजगा करने को मजबूर हुए।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी अमले की कमी से जूझ रही है। तुमान फीडर से जुड़े सलिहाभांठा, बंधवाभांठा, डोंगरीभांठा, पकरिया और सराईडीह जैसे गांव अंधेरे में डूबे हैं। बिजली न होने से ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह ठप हो गई है।
बोर और हैंडपंप बिजली पर निर्भर होने के कारण पीने के पानी का संकट गहरा गया है। मोबाइल फोन डिस्चार्ज हो गए और इनवर्टर की बैटरी भी रात 1 बजे जवाब दे गई। लोग पंखे और कूलर के बिना पूरी रात जागते रहे। ग्रामीणों ने लाइनमैन से संपर्क किया तो 11 केवी लाइन में विद्युत अवरोध की जानकारी मिली। जिम्मेदार अफसरों ने फोन नहीं उठाया जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
शिकायतें और अधिकारियों का रवैया
रात 11.30 बजे ग्रामीण शैलेन्द्र जायसवाल ने विद्युत विभाग के सहायता केंद्र 1912 में शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, उन्हें कोई राहत नहीं मिली। सुबह 9 बजे स्थानीय युवा भुवनेश्वर महतो ने मुख्यमंत्री सहायता केंद्र 1076 पर शिकायत की। सहायता केंद्र अटेंडर ने समस्या समाधान के लिए 7 से 15 दिन का समय बताया। ग्रामीणों का कहना है कि कोरबा शहर में कम वोल्टेज की शिकायत 1 घंटे में ठीक हो जाती है, जबकि गांवों की समस्या घंटों से लटकी रहती है।
तुमान फीडर में आए दिन बिजली कटौती एक आम बात है। कभी विद्युत अवरोध, कभी 11 केवी फाल्ट, तो कभी 33 केवी लाइन में चालक तार टूटने से आपूर्ति बाधित होती है। बरपाली विद्युत विभाग के सहायक अभियंता सुमित निराला ने बताया कि आंधी-तूफान से 11 केवी तार में लघु परिपथ हुआ था। इससे चालक तार टूट गया था और मरम्मत कार्य जारी है। उन्होंने जल्द ही बिजली बहाल करने का आश्वासन दिया है।