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टोयोटा कंपनी देगी 61 लाख रुपये: हादसे के वक्त नहीं खुले थे कार में एयरबैग, उपभोक्ता आयोग का ऐतिहासिक फैसला

Wed, 17 Dec 2025 09:39 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

सार

राज्य उपभोक्ता आयोग ने एक फैसला सुनाते हुए टोयोटा कंपनी को कुल 61 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। कंपनी की इनोवा कार में सड़क दुर्घटना के दौरान कोई भी एयरबैग नहीं खुला, जिससे गंभीर चोटें आईं।
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पभोक्ता आयोग का ऐतिहासिक फैसला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक महत्वपूर्ण फैसले में छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग ने टोयोटा किर्लोस्कर मोटर कंपनी को एक इनोवा कार के मालिक को 61 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने का आदेश दिया है। यह आदेश तब जारी किया गया जब कार दुर्घटना के समय उसके एयरबैग नहीं खुले, जिससे यात्री को गंभीर चोटें आईं। यह फैसला कार निर्माताओं के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि वे उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन करें।

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यह मामला 23 अप्रैल 2023 को घटित हुआ, जब कोरबा के प्रतिष्ठित व्यापारी अमित अग्रवाल अपने भाई सुमित अग्रवाल की इनोवा कार में रायपुर से कोरबा लौट रहे थे। ग्राम तरदा के पास, एक सामने से आ रहे वाहन से बचने के प्रयास में, कार पलट गई और एक पेड़ से टकरा गई। 

इस भीषण दुर्घटना में अमित अग्रवाल को गंभीर चोटें आईं, जिसके परिणामस्वरूप उनके इलाज पर रायपुर और हैदराबाद में कुल 36.83 लाख रुपये का खर्च आया। दुर्घटना के समय कार के किसी भी एयरबैग का न खुलना, इस घटना के गंभीर परिणामों का एक प्रमुख कारण बना।
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इस घटना के बाद, सुमित अग्रवाल ने इनोवा कार के निर्माता टोयोटा किर्लोस्कर मोटर कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता आयोग, कोरबा में मामला दायर किया। प्रारंभिक चरण में, कंपनी के उपस्थित न होने के कारण, जिला आयोग ने एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए टोयोटा कंपनी को नया वाहन या उसके समतुल्य राशि के साथ-साथ इलाज में खर्च हुए 36.53 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था।

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर कंपनी ने जिला आयोग के इस एकपक्षीय आदेश को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग, बिलासपुर में अपील दायर की। कंपनी के वकील ओम कुकरेजा ने फैसले पर आपत्ति जताते हुए तर्क दिया कि जिला आयोग ने एकतरफा निर्णय लिया और मामले के सभी पहलुओं पर विचार नहीं किया। कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि बीमा कंपनी ने कार की मरम्मत के लिए डीलर को 12 लाख रुपये का भुगतान किया था, और एयरबैग खुलने के संबंध में विशेषज्ञ रिपोर्ट नहीं ली गई थी। साथ ही, यह भी कहा गया कि सुमित अग्रवाल ने स्वयं दुर्घटना नहीं देखी थी।

हालांकि, दुर्घटनाग्रस्त कार के मालिक सुमित अग्रवाल की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता नूतन सिंह ठाकुर ने इन तर्कों का खंडन किया। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग ने टोयोटा कंपनी के तर्कों को स्वीकार नहीं किया। आयोग ने सर्वेयर की रिपोर्ट, कार को हुई क्षति और अमित अग्रवाल को लगी चोटों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि गंभीर दुर्घटना के बावजूद किसी भी एयरबैग का न खुलना, इनोवा कार में एक विनिर्माण दोष को दर्शाता है।

आयोग ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि परिवादी (सुमित अग्रवाल) ने अपनी सुरक्षा के लिए एक महंगी कार खरीदी थी, लेकिन यदि आवश्यकता के समय एयरबैग नहीं खुले, तो ऐसे गुणवत्ताहीन वाहन को बेचना सेवा में कमी मानी जाएगी।

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