कोरबा में मौसम में उमस और बदलाव के कारण जिले में इन दिनों जहरीले और विषहीन सांपों की आवाजाही बढ़ गई है। इसी कड़ी में कल रात नकटीखार क्षेत्र में एक घर के रसोई में गैस सिलेंडर के पास बैठे नाग को देखकर परिवार में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंचे वन्यजीव रेस्क्यूअर जितेंद्र सारथी ने सूझबूझ से सांप को बिना नुकसान पहुंचाए पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात करीब 11.30 बजे नकटीखार निवासी एक परिवार रसोई में काम कर रहा था, तभी उनकी नजर गैस सिलेंडर के पास कुंडली मारकर बैठे नाग पर पड़ी। नाग को देखकर परिजनों में दहशत फैल गई और उन्होंने तुरंत घर खाली कर दिया। डर के मारे किसी ने सांप को मारने की कोशिश नहीं की, बल्कि नोवा नेचर से जुड़े अनुभवी रेस्क्यूअर जितेंद्र सारथी को फोन कर सूचना दी।
सूचना मिलते ही जितेंद्र सारथी जरूरी रेस्क्यू उपकरण लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने घर के सदस्यों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी और फिर पूरी सावधानी से नाग को स्नेक हुक और बैग की मदद से पकड़ा। करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। रेस्क्यू के बाद जितेंद्र सारथी ने नाग को सुनसान जंगल क्षेत्र में ले जाकर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया, ताकि वह दोबारा आबादी क्षेत्र में न आए।
जितेंद्र सारथी ने बताया कि बरसात और उमस के मौसम में सांप बिलों से निकलकर सूखी और सुरक्षित जगह तलाशते हैं। रसोई, बाथरूम और स्टोर रूम उनके छिपने की पसंदीदा जगह बन जाते हैं। इसलिए इस समय घर की सफाई और सावधानी बेहद जरूरी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि घर या आसपास सांप दिखने पर उसे मारने या खुद पकड़ने की कोशिश न करें। तुरंत वन विभाग या रेस्क्यू टीम के हेल्पलाइन नंबर 8817534455 पर सूचना दें। प्रशिक्षित लोग ही सांप को सुरक्षित पकड़ सकते हैं।
सर्पदंश को लेकर उन्होंने खास चेतावनी दी कि झाड़-फूंक और अंधविश्वास के चक्कर में समय न गंवाएं। सांप काटने पर पीड़ित को शांत रखें, घाव को साबुन-पानी से धोएं और तुरंत नजदीकी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। समय पर एंटी वेनम इंजेक्शन ही जान बचा सकता है। जागरूकता और त्वरित उपचार ही सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।
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