फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CG News: SECL प्रभावित नराईबोध ग्रामीणों ने 4 घंटे खदान बंद की, 18 दिसंबर को त्रिपक्षीय वार्ता

Fri, 12 Dec 2025 09:45 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

सार

नराईबोध-भठोरा के ग्रामीणों ने पुनर्वास, मुआवजा और रोजगार की मांग को लेकर सुबह 12 से दोपहर 4 बजे तक एसईसीएल खदान पूरी तरह बंद रखी। प्रबंधन के हस्तक्षेप और 18 दिसंबर को एसईसीएल ग्रामीण-जिला प्रशासन की त्रिपक्षीय बैठक तय होने के बाद दोपहर दो बजे आंदोलन खत्म किया गया।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने की खदानबंद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खदानों से प्रभावित ग्राम नराईबोध के ग्रामीणों ने आज सुबह 12 बजे से दोपहर चार बजे तक यानी लगभग चार घंटे नराईबोध और भठोरा फेस को पूरी तरह से बंद कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से पुनर्वास से जुड़ी बसाहट रोजगार उचित मुआवजा और वैकल्पिक रोजगार जैसी ज्वलंत समस्याओं को लेकर किया गया था।
विज्ञापन


ग्रामीणों का कहना है कि SECL परियोजना के कारण उनकी पैतृक भूमि और आजीविका प्रभावित हुई है लेकिन प्रबंधन द्वारा पुनर्वास मुआवजा और प्रभावित परिवारों को रोजगार देने के वादे लंबे समय से पूरे नहीं किए जा रहे हैं। अपनी मांगों की अनदेखी से निराश होकर ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण तरीके से खदानों के संचालन को रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। खदान बंदी के कारण कोयला उत्पादन और परिवहन पूरी तरह ठप रहा। 

आंदोलन की गंभीरता और ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए SECL प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से लंबी चर्चा की और उनकी मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया। 
विज्ञापन


SECL प्रबंधन ने ग्रामीणों की समस्याओं पर विचार करने के लिए 18 दिसंबर 2025 गुरुवार को एक त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित करने का ठोस आश्वासन दिया। इस वार्ता में SECL प्रबंधन प्रभावित ग्रामीण प्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।

पुनर्वास की बकाया बसाहट उचित मुआवजा वितरण और प्रभावितों के लिए स्थायी/वैकल्पिक रोजगार के अवसरों पर होगा। एसईसीएल प्रबंधन से ठोस आश्वासन और आगामी त्रिपक्षीय वार्ता की तारीख मिलने के बाद ग्रामीणों ने दोपहर दो बजे अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। खदानों का संचालन फिर से शुरू हो सका। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि 18 दिसंबर की बैठक में उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी और संतोषजनक समाधान निकलेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें