फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Korba: संयुक्त कोयला मजदूर संघ ने मांगों को लेकर पीएम मोदी को ज्ञापन भेजा, एसईसीएल के सामने किया प्रदर्शन

Tue, 12 May 2026 03:29 PM IST
कोरबा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

सार

कोरबा में एटक से जुड़े संयुक्त कोयला मजदूर संघ ने एसईसीएल के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छह सूत्रीय मांग पत्र भेजा है। इसमें श्रम संहिताएं वापस लेने, गिरफ्तार श्रमिकों की रिहाई और न्यूनतम वेतन 26 हजार करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
 
विज्ञापन
korba
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरबा में संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) ने श्रमिक हित में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम छह सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है। संघ ने महाप्रबंधक, कोरबा क्षेत्र, एसईसीएल के माध्यम से यह ज्ञापन 12 मई 2026 को भेजा है। मांग पत्र में श्रम संहिताएं वापस लेने, गिरफ्तार श्रमिकों की रिहाई, न्यूनतम वेतन 26 हजार करने समेत कई मांगें शामिल हैं।

विज्ञापन


क्षेत्रीय सचिव बी. धर्मा राव द्वारा भेजे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि श्रम संघ मजदूर हित, लोक हित, उद्योग हित व देश हित में मांग पत्र प्रस्तुत कर रहा है। संघ ने प्रधानमंत्री से मांग पत्र को संज्ञान में लेकर त्वरित कार्रवाई की अपील की है। श्रमिक विरोधी श्रम संहिताएं वापस हों। संघ ने नई श्रम संहिताओं को श्रमिक विरोधी बताते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की है।

गिरफ्तार श्रमिकों की तत्काल रिहाई एवं उन पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग की गई। वर्तमान महंगाई को देखते हुए न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग रखी गई। आठ घंटे कार्य दिवस लागू हो। आठ घंटे कार्य दिवस एवं उससे अधिक काम करने पर दोगुना ओवरटाइम लागू करने की मांग की गई। संविदा श्रमिकों को समान वेतन एवं स्थायी रोजगार देने की मांग उठाई गई। एलपीजी एवं आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण लगाने की मांग की गई।
विज्ञापन


 मांग पत्र अध्यक्ष मनीष सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष सुभाष सिंह एवं सचिव बी. धर्मा राव के नेतृत्व में भेजा गया है।  श्रमिक नेता बी धर्मा राव ने बताया कि श्रमिकों के साथ जो अत्याचार हो रहे हैं उसे लेकर आज वह प्रदर्शन किए हैं और आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन भी किया जाएगा।

श्रमिक नेता मनीष मुखर्जी ने बताया कि संघ ने कहा कि कोयला उद्योग में कार्यरत लाखों श्रमिकों की समस्याओं का निराकरण जरूरी है। यदि मांगों पर जल्द विचार नहीं हुआ तो श्रमिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। संघ ने प्रधानमंत्री से सहयोग की अपेक्षा जताई है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें