कोरबा जिले के उरगा थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत सलिहाभांठा से जातिगत उपेक्षा और भेदभाव का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत की निर्वाचित पंच प्रेमबाई रात्रे के पुत्र देवेन्द्र कुमार रात्रे ने दुर्गा समिति और महिला समूह पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
देवेन्द्र कुमार रात्रे ने आवेदन में बताया है कि उसकी माता ग्राम पंचायत की निर्वाचित पंच हैं। गांव में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों और बैठकों का आयोजन किया जाता है, लेकिन उनकी माता को कभी किसी कार्यक्रम या मीटिंग की सूचना नहीं दी जाती है। यहां तक कि किसी आयोजन के लिए चंदा तक नहीं मांगा जाता है।
पीड़ित का आरोप है कि गांव में दुर्गा समिति के द्वारा पंचायत भवन यानी शासकीय भवन में दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई है। इस आयोजन में भी पंच प्रेमबाई रात्रे को पूछ-परख नहीं की गई। इसी तरह गांव की महिला समिति द्वारा भी उन्हें किसी आयोजन में शामिल नहीं किया जाता है।
आवेदक के अनुसार, यह केवल उनकी माता के साथ ही नहीं, बल्कि पूरे सतनामी पारा के लोगों के साथ जातिसूचक आधार पर उपेक्षा की जा रही है। सतनामी पारा के लोगों को न तो किसी आयोजन में पूछा जाता है और न ही दुर्गा पंडाल के पास आने-जाने दिया जाता है। जबकि दुर्गा स्थापना शासकीय भवन में की गई है जो सार्वजनिक स्थल है।
देवेन्द्र ने अपने आवेदन में कहा है कि उसकी माता निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं। गांव में होने वाले किसी भी आयोजन में उन्हें न पूछना उनकी मान-प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने जैसा कृत्य है। इस प्रकार जातिगत आधार पर उपेक्षित और अपमानित किया जाना अनुचित है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत सलिहाभांठा के दुर्गा समिति और महिला समूह द्वारा जातिसूचक आधार पर उपेक्षा करने वालों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में निर्वाचित प्रतिनिधि और समाज के किसी वर्ग के साथ इस तरह का भेदभाव न हो।
दुर्गा पूजा आयोजन में जातिगत भेदभाव का आरोप, पंच ने लगाया आरोप
दुर्गा पूजा आयोजन में जातिगत भेदभाव का आरोप, पंच ने लगाया आरोप