किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू ने आउटसोर्सिंग कंपनियों पर प्रभावितों को प्राथमिकता नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना सेफ्टी जोन बनाए खदान विस्तार का कार्य किया जा रहा है, जो गलत है। पहले सेफ्टी जोन बनाया जाए, उसके बाद ही खदान विस्तार का काम किया जाए।
भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के नेता दामोदर श्याम ने कहा कि खदान विस्तार के लिए हेवी ब्लास्टिंग का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे घरों में दरारें पड़ रही हैं और आम जनता में दहशत का माहौल है। साथ ही खदान से उड़ने वाली धूल-डस्ट से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है और घरों में रखा सामान भी खराब हो रहा है। प्रबंधन आम जनता की समस्याओं का गंभीरता से समाधान नहीं कर रहा है।
पांच घंटे तक खदान बंद रहने के बाद एसईसीएल गेवरा प्रबंधन ने दो दिनों में समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ। हालांकि आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों में सकारात्मक समाधान नहीं दिखा, तो फिर खदान बंद किया जाएगा।