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कोरबा रेस्टहाउस में शराब पार्टी: अधिकारी कैमरे में कैद, मंत्री के निर्देश पर जांच; कार्रवाई की तैयारी

Sun, 19 Apr 2026 09:13 PM IST
कोरबा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

सार

कोरबा के डीएसपीएम रेस्टहाउस में अधिकारियों के शराब पीते हुए कैमरे में कैद होने से हड़कंप मच गया। मंत्री के निर्देश पर जांच शुरू हुई है। फ्रीजर से शराब की बोतलें भी मिलीं, जिससे पहले से चल रही गतिविधियों की पुष्टि हुई।
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सरकारी रेस्टहाउस में शराब पार्टी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरबा में सरकारी रेस्टहाउस अब विभागीय अधिकारियों के लिए नशे का अड्डा बनते जा रहे हैं। ताजा मामला डीएसपीएम प्लांट से सामने आया है, जहां प्लांट के चीफ केमिस्ट गोवर्धन सिदार अपने चार अन्य अधिकारी साथियों के साथ बी-टाइप वीआईपी रेस्टहाउस के एक कमरे में शराब पीते हुए कैमरे में कैद हो गए। तस्वीरों के सामने आने के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

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शनिवार को पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक कोरबा प्रवास पर थे। उनसे मिलने उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, महापौर संजू देवी राजपूत और जिला भाजपा अध्यक्ष गोपाल मोदी रेस्टहाउस पहुंचे थे। इस दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं ने मंत्री को सूचना दी कि वीआईपी कमरे में कुछ अधिकारी शराब की महफिल जमा रहे हैं।

जानकारी मिलते ही मंत्री ने मौके की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उत्पादन कंपनी के एमडी एस के कटियार को फोन कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कमरे में सिगरेट का धुआं भरा हुआ था और अधिकारी नियम-कायदों को दरकिनार कर नशे में थे। तलाशी लेने पर सीएसईबी रेस्टहाउस के किचन के फ्रीजर में कई शराब की बोतलें भी बरामद हुईं, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह पहली बार नहीं था।
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स्थानीय सूत्रों का कहना है कि रेस्टहाउस में इस तरह की गतिविधियां पहले भी होती रही हैं, लेकिन इस बार कैमरे में कैद होने से मामला सार्वजनिक हो गया। अधिकारियों की इस हरकत ने सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग और अनुशासनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जब वरिष्ठ अधिकारी ही नियमों की अवहेलना करेंगे तो अधीनस्थ कर्मचारियों से अनुशासन की अपेक्षा कैसे की जा सकती है। घटना के बाद विभागीय हलकों में चर्चा तेज है और सभी की नजर एमडी द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी है।

फिलहाल एमडी ने जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषी पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस प्रकरण ने एक बार फिर सरकारी रेस्टहाउस में हो रही अनियमितताओं को उजागर कर दिया है।

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